नवाबगंज। ब्लाॅक क्षेत्र के चमरौली गांव में गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण करने वाली कंपनी पर किसानों के खेतों से अवैध रूप से मिट्टी खोदकर बेचने का आरोप लगा है। ग्राम प्रशासक ने किसानों के साथ कंपनी के कर्मचारियों का घेराव कर प्रदर्शन किया। सूचना पर पहुंचे खनन अधिकारी ने कंपनी के कर्मचारियों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
ग्राम प्रशासक समर बहादुर ने बताया कि कई साल से गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य चल रहा था। निर्माण की जिम्मेदारी पटेल इन्फ्राटेक लिमिटेड के पास थी। कंपनी ने गोदाम बनाने के लिए चमरौली गांव के 110 किसानों की करीब 54 बीघा जमीन किराये पर ली थी। इसके लिए हर वर्ष एग्रीमेंट किया जाता था। अब एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा होने के बाद कंपनी अपना सामान समेटकर जा रही है।
किसान होरीलाल, नन्हकऊ, रामकुमार, जयराम, किशनलाल और जगमोहन समेत अन्य किसानों ने बताया कि उन्होंने जमीन गोदाम के लिए किराये पर दी थी। आरोप है कि अब कंपनी खेतों की उपजाऊ मिट्टी खोदकर बेच रही है। किसानों ने बताया कि चार दिनों से पोकलैंड लगाकर सात बीघा खेत से बड़े पैमाने पर खोदाई कर मिट्टी बेच दी गई है। ग्राम प्रशासक ने किसानों के साथ कंपनी के कर्मचारियों का घेराव कर विरोध जताया।
विरोध के बाद पटेल इंफ्राटेक के कर्मचारी विवेक श्रीवास्तव ने किसानों को खेतों से मिट्टी न खोदने के साथ जमीन को पूर्व स्थिति में लाने की बात कही। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही खोदाई वाले हिस्से में मिट्टी का भराव नहीं कराया गया तो कंपनी की मशीनों को मौके से नहीं जाने दिया जाएगा। खनन अधिकारी मनीष कुमार यादव ने बताया कि किसानों की ओर से लिखित शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।