उन्नाव। दहेज में मोटरसाइकिल की मांग पूरी न होने पर महिला की हत्या के मामले में न्यायालय ने पति, सास और ससुर को सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश महेंद्र कुमार सिंह ने दोषियों पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
लखनऊ के बसंत ने 28 जनवरी 2017 को हसनगंज कोतवाली में तहरीर दी थी। बताया कि 27 फरवरी 2015 को बेटी राजदुलारी की शादी हसनगंज कोतवाली क्षेत्र के मोहान कस्बा के कटरा मोहल्ला का निवासी अमित से की थी। शादी के कुछ दिन बाद ही पति अमित, ससुर रामखेलावन और सास रामश्री दहेज में मोटरसाइकिल मांगने लगे। मांग पूरी न होने पर वे राजदुलारी को प्रताड़ित करते थे। 25 जनवरी 2017 को बसंत को बेटी का शव फंदे से लटका मिलने की सूचना मिली। पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने 12 अप्रैल 2017 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। मुकदमे की सुनवाई शुक्रवार को पूरी हुई।
साक्ष्यों और गवाहों के बयानों से अमित, रामखेलावन और रामश्री का दोष साबित हुआ। न्यायाधीश महेंद्र कुमार सिंह ने तीनों को दोषी ठहराया। उन्हें सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक दोषी पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।