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Unnao News: अंगदान का संकल्प लेने वाली महादानी सम्मानित

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फोटो-10-मुकेश बाजपेई
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उन्नाव। विश्व अंगदान दिवस पर लाइफ सेवर्स एवं श्री सेवार्थ फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में जिला अस्पताल सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें अंगदान की शपथ लेने वाले महादानियों को सम्मानित किया गया।
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सीएमएस डॉ. सुनील शुक्ला ने कहा कि अंगदान केवल संकल्प ही नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद को मृत्यु के बाद भी जीवन देने का महान कार्य है। कहा कि समाज में अंगदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है, क्योंकि एक व्यक्ति का अंगदान कई लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगा सकता है। विजय लक्ष्मी, अर्पिता शुक्ला, प्रिया शुक्ला, गीता देवी, रेनू शुक्ला, पिंकी त्रिवेदी, रश्मि सिंह, वेद प्रकाश साहू एवं मुकेश वाजपेयी ने अंगदान की शपथ लेकर मानवता की सेवा का संकल्प लिया। महादानियों को सम्मानित कर उनके प्रेरणादायी निर्णय की सराहना की गई।



कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने व समाज को इस महादान के लिए प्रेरित करने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम में मनीष सिंह सेंगर, स्मृति गुप्ता, अनुराग सिंह राठौर, प्रथम श्रीवास्तव, निर्भय निगम, राम तनेजा, हर्ष तिवारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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फोटो-10-मुकेश बाजपेई


मृत्यु के बाद भी मानवता से जुड़े रहने का माध्यम है अंगदान



आवास विकास कॉलोनी के मुकेश बाजपेई का कहना है कि अंगदान जीवन के बाद भी मानवता से जुड़े रहने का माध्यम है। मृत्यु के बाद भी हमारे अंग किसी की जान बचा सकते हैं तो इससे बड़ा कोई उपहार नहीं हो सकता।



फोटो-11-अर्पिता शुक्ला



जरूरतमंदों की मदद ने किया प्रेरित



गांधीनगर की अर्पिता शुक्ला का कहना कि हमेशा जरूरतमंदों की मदद और सामाजिक कार्यों में योगदान देने में रुचि रही है। इसी भावना से अंगदान की शपथ ली। यह सिर्फ दान नहीं बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का एक छोटा प्रयास है।



फोटो-12-पिंकी त्रिवेदी



मृत्यु के बाद किसी को दे सकते हैं आंखों की रोशनी



पीतांबर नगर की शिक्षिका पिंकी त्रिवेदी ने बताया कि मानवता की सेवा और जरूरतमंदों को नया जीवन देने की भावना से अंगदान की प्रेरणा मिली। मृत्यु के बाद भी हमारे अंग किसी के जीवन में रोशनी ला सकते हैं। इसी सेवा भाव से अंगदान की शपथ ली।



फोटो-13-विजय लक्ष्मी



ऋषि दधीचि से मिली प्रेरणा



पीडी नगर निवासी वरिष्ठ नागरिक विजय लक्ष्मी ने बताया कि उन्हें ऋषि दधीचि के त्याग और महादान से अंगदान की प्रेरणा मिली। कहा कि जब दधीचि ने मानवता के लिए अपना सर्वस्व अर्पित किया तो हम भी अंगदान का संकल्प लेकर जरूरतमंद को जीवन की नई उम्मीद दे सकते हैं।



क्यों जरूरी है अंगदान



हर साल कई लोग किडनी, लिवर, हृदय, फेफड़े जैसे महत्वपूर्ण अंगों के फेल होने से मौत का शिकार हो जाते हैं। जरूरतमंदों की जान बचाई जा सके, इसके लिए अंगदान के प्रति जागरूक करने के लिए हर साल 13 अगस्त को विश्व अंगदान दिवस मनाया जाता है।

फोटो-10-मुकेश बाजपेई

फोटो-10-मुकेश बाजपेई

फोटो-10-मुकेश बाजपेई

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