गंजमुरादाबाद। वरिष्ठ अधिवक्ता व समाजसेवी फारुक अहमद ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। उन्होंने नगर निकायों के जातिसूचक नाम वाले मोहल्लों व वार्डों के नाम बदलने के शासनादेश का पालन कराने की मांग की है।
ब्लॉक क्षेत्र के इस्माइलपुर आंबापारा निवासी फारुक अहमद ने बताया कि उनकी जनहित याचिका पर सात मई 2022 को प्रदेश सरकार ने शासनादेश जारी किया था। इसमें सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि यदि किसी नगर निकाय में असंसदीय, असंवैधानिक या विशेष जातिसूचक नाम वाले वार्ड या मोहल्ले हैं तो संबंधित नगर निकायों से प्रस्ताव मंगाकर उनके नाम बदले जाएं।
इसका अनुपालन करते हुए बांगरमऊ के एक मोहल्ले का नाम बदलकर सिद्धार्थनगर किया गया था। बताया कि आदेश का पालन नहीं हो रहा है। आज भी नगर निकायों में कई जातिसूचक नाम वाले मोहल्ले और वार्ड हैं। उन्होंने अधिकारियों से ऐसे वार्डों के नाम बदलने का प्रस्ताव लेने की मांग की है। सुझाव दिया कि उन्हीं समुदाय के आराध्यों, महापुरुषों या स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर नामकरण किया जाए। अधिवक्ता ने पत्र की प्रतिलिपि नगर विकास मंत्री, मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव नगर विकास को भेजी है।