फोटो-21-उन्नाव-हरदोई मार्ग पर नहर पर पीपा पुल बनाते कर्मचारी। संवाद
चकलवंशी। दोस्तीनगर में निर्माणाधीन नहर पुल का तीसरी बार कटा वैकल्पिक रास्ता चौथे दिन भी नहीं बन सका। बार-बार वैकल्पिक रास्ता कटने से पीडब्ल्यूडी अब पीपा डालकर हल्के वाहनों के लिए रास्ता बना रहा है। उधर, हरदोई मार्ग का यातायात बंद होने से रोज औसतन 20 हजार वाहन चालकों को कई किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर काटना पड़ रहा है।
बिलग्राम-उन्नाव-प्रयागराज मुख्य मार्ग पर प्रतिदिन हजारों वाहनों का आना जाना रहता है। दोस्तीनगर में लोक निर्माण विभाग 12 मीटर चौड़ी और 25 मीटर लंबी पुलिया का निर्माण करा रहा है। पांच मई को नहर में पानी छोड़े जाने से वैकल्पिक रास्ता बह गया था। तीन दिन बाद नहर में बंधा लगाकर एक ओर वैकल्पिक रास्ता बनाया गया जो फिर नहर में पानी बढ़ने से बह गया। 13 मई को एक बार फिर बनाया गया वैकल्पिक रास्ता बह जाने से इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया। अब पीडब्ल्यूडी यहां पीपे का पुल बना रहा है। वैकल्पिक रास्ता न बन पाने से भारी वाहनों को 25 किलोमीटर और छोटे वाहनों को पांच किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर काटना पड़ रहा है।
चकलवंशी चौराहे पर सन्नाटा, दुकानदार मायूस
वाहनों के आवागमन से दिन भर गुलजार रहने वाले चकलवंशी चौराहे पर इन दिनों सन्नाटा है। आम दिनों में यहां से गुजरने वाले वाहन जलपान आदि के लिए ठहरते थें। अब रास्ता बंद होने से सन्नाटा छाया रहता है। इससे ढाबा, रेस्टोरेंट समेत ठेला खोमचे वाले दुकानदार मायूस हैं।