फतेहपुर चौरासी/परियर। गंगा का जलस्तर बढ़ने से फतेहपुर चौरासी क्षेत्र में किसानों की सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गई हैं। परियर में भी गंगा का पानी खेतों के पास तक पहुंच गया है। इससे तरबूज और खरबूजा उत्पादक किसान भारी नुकसान से चिंतित हैं।
जाजामऊ एहतमाली के प्रधान रोशन ने बताया कि चिरंजूपुरवा के रतनू की दो बीघा और नन्हेलाल की डेढ़ बीघा फसल डूबी है। नयाबंगला हिंदूपुर के जहरी की चार बीघा और लालू की तीन बीघा फसलें जलमग्न हो गईं। रामशंकर और राम सिंह की साढ़े तीन-साढ़े तीन बीघा फसलें भी प्रभावित हुई हैं। सुब्बापुरवा के राजकुमार की ढाई बीघा और कुशेहर बंगला की जागेश्वरी की दो बीघा फसलें डूबीं। मिश्रीलाल की तीन बीघा तथा परशुरामपुरवा के सुखलाल व टीकाराम की डेढ़-डेढ़ बीघा फसलें भी जलमग्न हुई हैं। जैतपुर की प्रधान मंजूदेवी ने बताया कि कमलेश की तीन बीघा और रामकृष्ण की चार बीघा फसलें डूबी हैं। कल्लू, मुन्नू और शैफू सहित अन्य किसानों की तरबूज व खरबूजा की फसलें भी जलमग्न हो गई हैं। इन फसलों के खराब होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
परियर में भी किसानों की चिंता बढ़ी
सदर तहसील क्षेत्र के परियर, माना बंगला, देवीपुरवा, पनपथा और ललतु पुरवा सहित दर्जन भर से अधिक गांवों के किसान प्रभावित हैं। ये किसान गंगा की रेत में खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूजा और करेला जैसी फसलें उगाते हैं। तरबूज और खरबूजा की फसलें तैयार होने की कगार पर हैं। खीरा और ककड़ी की फसलें एक सप्ताह से बाजारों में बिक्री के लिए जा रही थीं। अचानक बढ़े जलस्तर ने इन किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
लागत से अधिक नुकसान
किसान गोविंद, राम प्रकाश, राजाराम, दीपक और दुर्गेश निषाद ने अपनी परेशानी बताई। उन्होंने कहा कि एक बीघे की फसल में करीब साठ हजार रुपये की लागत आती है। अभी तक लागत का एक चौथाई पैसा भी नहीं निकल पाया है। यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा, तो उनकी फसलें पूरी तरह डूब जाएंगी। इससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
नरौरा बांध से फिर छोड़ा गया पानी
उन्नाव। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश की वजह से नरौरा बांध से पानी छोड़ा जा रहा है। इससे गंगा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। आपदा विभाग के अनुसार सोमवार को 1200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था और मंगलवार को 12860 क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है। एडीएम सुशील कुमार गोड़ ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। लेखपालों को नियमित रिपोर्ट देने को कहा गया है।