फोटो-16-हैबतपुर में श्रमिक न मिलने से अपने हाथों से आलू की खोदाई करते किसान। संवाद
गंजमुरादाबाद। श्रमिकों की कमी के कारण करीब 20 फीसदी आलू की खोदाई नहीं हो पाई है। इससे मक्का और तरबूज की बोआई में देरी हो रही है।
क्षेत्र में आलू की बड़े पैमाने पर खेती की जाती है। 15 फरवरी तक आलू की फसल पककर तैयार हो चुकी थी। आठ फरवरी से कोल्ड स्टोरों में आलू के भंडारण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। किसान आलू की खुदाई प्लांटर मशीन से आसानी से करा लेते हैं। बिनाई के लिए श्रमिकों की जरूरत होती है। अब किसानों को किसी भी कीमत पर श्रमिक नहीं मिल पा रहे हैं। खेत खाली न होने से किसान मक्का व तरबूज नहीं बो पा रहे हैं।
लालू कटियार, बबलू यादव सहित कई किसानों ने बताया कि 500 रुपये प्रतिदिन की दिहाड़ी देने पर भी श्रमिक नहीं मिल रहे हैं। इससे वे अगली फसल की बोआई नहीं कर पा रहे हैं। कृषि सलाहकार देवी सिंह ने किसानों को तरबूज की बोआई का समय निकलने पर उड़द और मूंग की बोआई का सुझाव दिया। इससे मामूली लागत और कम सिंचाई में अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है।