फोटो-11- डकारी गांव के पास झाड़ियों के बीच संचालित अवैध ग्लू भट्ठी से निकलता काला धुआं। संवाद
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अचलगंज। बंथर औद्योगिक क्षेत्र और उसके आसपास 12 से भी अधिक ग्लू बनाने के कारखाने चल रहे हैं। इनसे उठने वाला धुआं कानपुर-लखनऊ हाईवे से साफ दिखाई देता है। इसके बाद भी जिम्मेदार इन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
क्षेत्र के बंथर, नरी, डकारी आदि गांवों में लंबे समय से ग्लू बनाने वाले प्लांट संचालित हैं। इनमें जानवरों की सींग, खुर आदि अवशेष भट्ठी में उबालकर ग्लू तैयार किया जाता है। इस प्रक्रिया में ईंधन के स्थान पर चमड़े की कतरन व चर्म इकाइयों के केमिकल जलाए जाते हैं। ऐसे में इन भट्ठियों से निकलने वाला धुआं वातावरण को जहरीला बना रहा है। अकेले डकारी में लगभग 12 भट्ठियां संचालित है।
इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्र के पास बंथर व नरी में भी कई भट्ठियां संचालित हैं। आबोहवा में जहर घोलने वाली इन भट्ठियों पर प्रदूषण नियंत्रण विभाग द्वारा कोई कार्रवाई न होना संदेह प्रकट करता है। स्थानीय लोगों ने भी कई बार इनका विरोध भी किया, लेकिन संचालकों के आगे उनकी नहीं चलती।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शशि बिंदकर ने बताया कि कई अवैध और नियमों का उल्लंघन कर संचालित हो रहीं ग्लू भट्ठियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। टीमें बनाकर फिर जांच कराई जाएगी।