फोटो-9- सुबाहु वध लीला मंचन करते कलाकार। संवाद
गंजमुरादाबाद। नगर में चल रहे श्रीरामलीला महोत्सव के चौथे दिन कलाकारों ने अहिल्या उद्धार, जनकपुरी में नगर दर्शन और फुलवारी लीला का मंचन किया। इसे देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
लीला के मंचन में शुक्रवार दिखाया गया कि गुरु विश्वामित्र के साथ गए भगवान राम और लक्ष्मण ने सुबाहु नाम के राक्षस का वध करके यज्ञ संपन्न कराए। इसके बाद गौतम ऋषि के श्राप से शिला बनी अहिल्या भगवान राम के पैर का स्पर्श होते ही नारी रूप में आ जाती है और भगवान से आशीर्वाद प्राप्त करती है।
ऋषि विश्वामित्र के साथ जनकपुर पहुंचे राम-लक्ष्मण पूजा के लिए पुष्प चुनने जनक की वाटिका में पहुंचते हैं। उसी समय मां पार्वती की पूजा करने पहुंचीं सीता जी भी भगवान राम को देख मोहित हो गईं। उन्होंने पति के रूप में पाने के लिए मां गौरी का पूजन किया।