उन्नाव। छात्रों की अपार आईडी से स्कूलों में नामांकन का फर्जीवाड़ा रुकेगा। इसके साथ ही उनके अभिलेख भी सुरक्षित रहेंगे। अभिलेख खोने पर उन्हें डीआईओएस कार्यालय या फिर प्रयागराज बोर्ड के चक्कर नहीं लगाने होंगे। छात्रों की यह डिजिटल पहचान होगी जो उन्हें नौकरी मिलने तक सहायता देगी। सचिव का आदेश आने के बाद डीआईओएस ने कक्षा नौ से 12 तक के छात्रों की जल्द से जल्द अपार आईडी बनवाने के निर्देश दिए हैं।
जिले में संचालित 404 इंटर कॉलेजों में मौजूदा समय में कक्षा नौ से 12 तक 1,35,503 छात्र पंजीकृत हैं। इसमें कक्षा नौ में 36,878, कक्षा 11 में 28,219, हाईस्कूल में 39,819 और इंटरमीडिएट में 30,673 छात्र पंजीकृत हैं। इन सभी छात्रों की अपार आईडी बनाई जानी है।
ये है अपार आईडी
वन नेशन वन स्टूडेंट आईडी की तर्ज पर आधारित अपार आईडी भी 12 अंकों की स्थायी डिजिटल पहचान होगी। इसमें छात्रों के शैक्षणिक अभिलेखों के साथ टीसी को एक ही स्थान पर सुरक्षित रखा जाएगा। यह आईडी उनकी पढ़ाई से लेकर नौकरी मिलने तक काम आएगी। इससे भविष्य में महत्वपूर्ण दस्तावेजों के खोने, फटने या फिर खराब होने की दिक्कत खत्म हो जाएगी।
आईडी बनने के बाद छात्रों को पारदर्शिता से मिलेगा योजना का लाभ
डीआईओएस सुनीलदत्त ने बताया कि कक्षा नौ से 12 तक के छात्रों के शैक्षणिक विवरण को त्रुटिरहित और सुरक्षित रखने के उद्देश्य से इस आईडी को बढ़ावा दिया जा रहा है। अपार आईडी में दर्ज सही विवरण के आधार पर छात्रों को छात्रवृत्ति एवं अन्य योजनाओं का लाभ बिना किसी दिक्कत के मिलेगा। प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि अभिभावकों की सहमति से जल्द-से-जल्द शत-प्रतिशत छात्रों की अपार आईडी बनाई जाए।