20 हजार रुपये अर्थदंड, सात साल पहले हुई थी घटना
विशेष न्यायालय पाॅक्सो एक्ट के न्यायाधीश ने सुनाई सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। सात साल पहले बहला-फुसलाकर किशोरी को ले जाकर दुष्कर्म के दोषी को विशेष न्यायालय पाॅक्सो एक्ट के न्यायाधीश ने 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा सात हजार रुपये भी अर्थदंड लगाया है।
हसनगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने मोहान कस्बे के मोहल्ला कटरा निवासी नन्हके उर्फ सत्येंद्र पर नाबालिग बेटी को ले जाने की तहरीर दी थी। बताया कि पांच अगस्त 2019 को वह लखनऊ गया था। पत्नी ने रात करीब एक बजे बेटी के लापता होने की सूचना दी। घर पहुंचने पर तलाश की थी लेकिन कुछ पता नहीं चला था। कुछ दिन बाद पता चला कि पड़ोसी गांव का नन्हके बेटी को ले गया है। चार महीने बाद 30 जनवरी 2020 को उसे मोहान के लखपेड़ा चौराहे से खोज लिया। पुलिस ने किशोरी का मेडिकल कराने के साथ उसके कलमबंद बयान लिए थे। किशोरी ने बताया था कि घटना वाले दिन नन्हक्के उससे मिला और प्रसाद का पेड़ा खिला दिया। इससे वह बेहोश हो गई। अगली सुबह जब उसे होश आया तो वह कुरुक्षेत्र में थी। वहां नन्हक्के ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की धारा बढ़ाकर रिपोर्ट न्यायालय में पेशकर आरोपी को जेल भेजा था। मुकदमे की अंतिम सुनवाई बृहस्पतिवार को पूरी हुई। न्यायाधीश विवेकानंद विश्वकर्मा ने अभियोजन पक्ष से सरकारी अधिवक्ता की दलील और साक्ष्यों का के आधार पर नन्हक्के उर्फ सत्येंद्र को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।