फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Unnao News: हाईवे पर खड़े डंपर में भिड़ा दूसरा डंपर, क्लीनर की मौत

विज्ञापन
फोटो-12- आलोक कुमार तिवारी उर्फ जीतू (फाइल फोटो)
विज्ञापन
नवाबगंज। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर शनिवार की सुबह करीब चार बजे दो सड़क हादसे हुए। इनमें एक ट्रक क्लीनर की मौत हो गई जबकि चालक की हालत गंभीर है। घटना के बाद हाईवे की दोनों लेन पर करीब दस किलोमीटर लंबा जाम लग गया। राहगीर करीब पांच घंटे तक परेशान रहे।
विज्ञापन

कबरई से गिट्टी लादकर शनिवार भोर चार बजे ट्रेलर लखनऊ की ओर जा रहा था। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर अजगैन कोतवाली के टोल प्लाजा के पास आगे चल रही मिक्सर मशीन के चालक ने ब्रेक लगाई तो उसे बचाने में ट्रेलर अनियंत्रित हो गया और डिवाइडर की सेफ्टी ग्रिल तोड़ते हुए लखनऊ-कानपुर लेन पर जा पहुंचा। इससे दोनों तरफ से वाहनों की रफ्तार थम गई। पुलिस हाईवे पर खड़े ट्रेलर को हटवाने का प्रयास कर ही रही थी, तभी सड़क पर खड़े डंपर में पीछे से आ रहा दूसरा डंपर भिड़ गया। डंपर का केबिन क्षतिग्रस्त होने से चालक कानपुर के थाना बिधनू के कठेरुआ गांव निवासी छोटे (49), क्लीनर आलोक कुमार तिवारी उर्फ जीतू (37) उसी में फंस गए। पुलिस ने काफी प्रयास के बाद चालक और क्लीनर को बाहर निकलवाया। एंबुलेंस से दोनों को स्वास्थ्य केंद्र भेजा। डॉक्टर ने क्लीनर आलोक को मृत घोषित कर दिया। मामा जगदीश ने बताया कि आलोक तीन भाई-बहनों में बड़ा था। उसकी शादी नहीं हुई थी। बहुत ही निर्धन परिवार है। हादसे के बाद हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लखनऊ से कानपुर लेन पर करीब 10 किलोमीटर और कानपुर से लखनऊ लेन पर करीब सात किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इस दौरान लोगों को करीब पांच घंटे तक परेशानी उठानी पड़ी। नौ बजे के बाद यातायात पूरी तरह से सामान्य हो पाया।
कोतवाल सुरेश सिंह ने बताया कि ट्रेलर दूसरी लेन पर आ जाने से जाम लगा था। हाइड्रा की मदद से हाईवे खाली कराकर यातायात सुचारू करा दिया है।

पेट्रोलिंग टीम का हाइड्रा कमजोर, किराये की मंगाई क्रेन
कानपुर-लखनऊ हाईवे जैसे व्यस्त मार्ग पर सुरक्षा और तत्काल राहत देने के एनएचएआई के दावों की शनिवार को पोल खुल गई। हादसे के बाद एनएचएआई की पेट्रोलिंग टीम के पास जो हाइड्रा (क्रेन) उपलब्ध है, वह बेहद कम क्षमता का है। हादसों के बाद यह हाइड्रा भारी और क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाना तो दूर, उन्हें अपनी जगह से हिला तक नहीं पाता। शनिवार को हुए हादसे के बाद भी पेट्रोलिंग टीम का हाइड्रा बेअसर साबित हुआ। इस पर पुलिस को बाहर से निजी क्रेन किराये पर मंगानी पड़ी। कम क्षमता का हाइड्रा होने के कारण लोगों को जाम के झाम से जूझना पड़ा।

फोटो-12- आलोक कुमार तिवारी उर्फ जीतू (फाइल फोटो)

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें