फोटो-9- बोरिंग का काम रुकने से खुला पड़ा गड्ढा और रखे पाइप। संवाद
मौरावां। थाना परिसर की खाली जमीन पर नगर पंचायत की डीप बोरिंग कराने की तैयारी के बीच विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस और नगर पंचायत दोनों ही विभाग जमीन पर अपना मालिकाना हक बता रहे हैं। थानाध्यक्ष ने बोरिंग का काम रुकवा दिया है। नगर पंचायत अध्यक्ष ने जमीन को सरकारी (नजूल) बताया है। उन्होंने उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत भी की है।
मौरावां नगर पंचायत ने शुक्रवार को पेयजल योजना के लिए डीप बोरिंग का काम शुरू कराया। जेसीबी से खुदाई शुरू की गई। जानकारी मिलने पर थानाध्यक्ष कुंवर बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे। जमीन थाने की बताकर काम रुकवा दिया। नगर पंचायत के अधिकारियों ने जमीन को अपनी बताया। नगर पंचायत अध्यक्ष विवेक सेठ ने बताया कि नगर में पेयजल की समस्या है। शासन से डीप बोरिंग स्वीकृत कराई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि नगर पंचायत जिस स्थान पर बोरिंग करा रहा था, वह थाना परिसर में है। पुरवा एसडीएम प्रमेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि विवाद जैसी कोई स्थिति नहीं है। उन्होंने क्षेत्राधिकारी पुरवा अरविंद कुमार चौरसिया से बात की है। एसडीएम ने बताया कि मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है। नगर पंचायत अध्यक्ष और थानाध्यक्ष बैठकर आपस में बात कर हल निकालेंगे।