उन्नाव। सुमेरपुर-बक्सर मार्ग पर कीरतपुर गांव के पास खरही पुल के अंधे मोड़ के पास बोलेरो पर डंपर पलटने से हुई छह मौतों में चार एक ही परिवार के हैं। चार शव के साथ बेटे-बहू और पौत्र की हालत गंभीर देख पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे घर के मुखिया बदहवास नजर आए। बोले-परिवार ही खत्म हो गया। ईश्वर बेटे-बहू और पौत्र को सुरक्षित रखे।
खरहीपुल के पास हुए हादसे में पठई गांव के नरेंद्र सिंह की पत्नी गीता, बेटी सुनीता, भाभी बिटान और भतीजी ज्योति की मौत हो गई। बेटा सूरज गंभीर है। बहू मानसी उर्फ गौरी के साथ पौत्र शुभ और भतीजी ज्योति के बेटे आनंद का इलाज चल रहा है। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे नरेंद्र शव देखकर बदहवास हो गए। बोले सब खत्म हो गया। लोगों ने उन्हें संभाला और जैसे-तैसे जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया। वहां बेटे को पुकारा लेकिन हालत गंभीर होने से बोल नहीं पाया। बहू, पौत्र और नाती आनंद को देखकर ईश्वर से बचाने की प्रार्थना की। नरेंद्र ने बताया कि उनके चार बच्चों में दो बेटे और दो बेटी थीं। इसमें एक मां के साथ हमेशा के लिए चली गई। सुनीता की मौत और बेटी गौरी के घायल होने से पति दुर्गेश बेहाल हैं। दो बेटियों में वैशाली और गौरी हैं।
फोटो-30- पत्नी और सास की मौत के बाद बेहाल रामप्रताप को संभालते लोग। संवाद
पत्नी और सास का शव देख युवक चीखा, लोगों ने संभाला
उन्नाव। हादसे में जान गंवाने वालों में नरेंद्र की भाभी बिटान और उनकी बेटी ज्योति भी शामिल है। दोनों की मौत की सूचना पर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे बिहार थानाक्षेत्र के मलौना निवासी ज्योति के पति रामप्रताप दोनों शव देख चीख पड़े। वहां मौजूद लोगों ने संभाला। रामप्रताप ने बताया कि तीन बच्चों में दो बेटी और एक बेटा हैं। बेटा आनंद भी घायल है। बच्चे मां के बिना कैसे रहेंगे। बताया कि बिटान के तीन बेटी और बेटा हैं। दूसरे नंबर की बेटी अंतिका का 20 अप्रैल को ही विवाह तंगापुर में किया था। एक बेटी का विवाह करना है। मां और बहन की मौत से अजीत भी परेशान रहे।
फोटो-30 चालक धनीराम के घर के बाहर मौजूद भीड़, रोते परिजन। संवाद
हादसे से अर्चना और रामधनी का भी परिवार बिखरा
मौरावां। हादसे में नरेंद्र सिंह के पड़ोसी और अति करीबी अर्चना बाजपेयी की भी जान चली गई। पत्नी की मौत से पति के साथ बच्चे छोटी, शिवानी और गोलू बेहाल हैं। तीनों घर में मां के आने का इंतजार कर रहे थे लेकिन उन्हें क्या पता था कि अब मां कभी नहीं लौटेंगी। बोलेरो चालक रामधनी की मौत से परिवार बिखर गया। पति की मौत से पत्नी सुशीला के साथ तीन बेटियां और एक बेटा बेहाल हैं। रामधनी चाचा रामसजीवन की बोलेरो चलाते थे।
फोटो-26-हादसे में क्षतिग्रस्त दोनों वाहन। संवाद
फोटो-26-हादसे में क्षतिग्रस्त दोनों वाहन। संवाद
फोटो-26-हादसे में क्षतिग्रस्त दोनों वाहन। संवाद
फोटो-26-हादसे में क्षतिग्रस्त दोनों वाहन। संवाद