बीघापुर। डायग्नोस्टिक सेंटर के लिए फर्जी डिग्री लगाने वाले डॉक्टर के खिलाफ डीएम के आदेश के सात महीने बाद प्राथमिकी दर्ज हुई है। विभागीय अफसर मामले को दबाने में लगे रहे। सोमवार को हुई बैठक में जब डीएम को फिर मामले का पता चला तो उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। इसके बाद सेंटर संचालक की तहरीर पर डॉक्टर के खिलाफ कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज हुई।
नगर पंचायत में संचालित अपना डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक कोतवाली क्षेत्र के बगहा गांव निवासी अंशु पटेल ने तहरीर दी। इसमें बताया कि डायग्नोस्टिक सेंटर में अल्ट्रासाउंड संचालन के पंजीकरण के लिए रोहित नगरनरिया लंका जिला वाराणसी निवासी खेसारी रमनलाल ने एमबीबीएस, डीएमआरडी के अपने प्रपत्र लगाए थे। ऑनलाइन जांच में उसके मेडिकल प्रमाणपत्र फर्जी मिले थे।
बता दें कि सात महीने पहले डॉक्टर ने स्वास्थ्य विभाग में आवेदन किया था। नौ सितंबर 2025 को पीसीपीएनडीटी की बैठक में डीएम ने अभिलेख फर्जी पाए जाने पर मामले की जांच सीएमओ को सौंपी थी। 15 सितंबर 25 को डिग्री फर्जी मिलने पर जिम्मेदार मामले को दबाने में लगे रहे और प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई। सात महीने बाद सोमवार को डीएम को पीसीपीएनडीटी की दूसरी बैठक में जब पता चला कि अभी कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। डीएम का कड़ा रुख देख आनन-फानन जिम्मेदारों ने डायग्नोस्टिक संचालक पर दबाव बनाया और बीघापुर कोतवाली में तहरीर दिलवाकर प्राथमिकी दर्ज कराई।
कोतवाल राजपाल ने बताया कि सेंटर संचालक की तहरीर पर खेसारी रमनलाल के खिलाफ कूटरचित अभिलेख बनाने की प्राथमिकी दर्ज की गई है। इंदामऊ चौकी इंचार्ज राजेश सिंह को जांच सौंपी गई है।
तीन और डॉक्टर रडार पर जल्द होगी कार्रवाई
- हसनगंज में एक डॉक्टर पर हो चुकी है कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। डॉक्टर की फर्जी डिग्री लगाकर कमाई करने का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले हसनगंज में एक डॉक्टर के खिलाफ पीसीपीएनडीटी के प्रभारी की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। तीन डॉक्टर अभी रडार पर हैं। उनकी जांच चल रही है
आठ अप्रैल को हसनगंज कोतवाली में डॉ. राजविजय सिंह के खिलाफ पीसीपीएनडीटी के प्रभारी मनीष मिश्रा की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। सूत्रों के अनुसार अभी तीन ऐसे डॉक्टर हैं जो फर्जी अभिलेखों पर काम कर रहे हैं जल्द ही उनके खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी है। सीएमओ सत्यप्रकाश ने बताया कि अभी जांच चल रही है। जल्द ही ऐसे अन्य डॉक्टरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।