उन्नाव। परिषदीय स्कूलों की वार्षिक परीक्षाओं के दूसरे दिन बिछिया ब्लॉक में कक्षा सात के गणित विषय का प्रश्नपत्र नहीं पहुंचा। शिक्षकों को ब्लैक बोर्ड पर प्रश्नपत्र लिखकर परीक्षा करवानी पड़ी। यह स्थिति तब बनी जब डायट से 20 दिन पहले ही प्रश्नपत्र बनाकर दिए जा चुके थे।
जिले के 2305 परिषदीय स्कूलों में 2.11 लाख छात्र वार्षिक परीक्षा दे रहे हैं। मंगलवार को सुबह 9:30 से 11:30 और दोपहर 12:30 से 2:30 बजे तक गणित और संस्कृत की परीक्षा थी। बिछिया ब्लॉक के शिक्षकों ने जब बंडल खोले तो उसमें कक्षा सात के गणित के प्रश्नपत्र गायब थे। सुबह 10:15 बजे तक शिक्षक प्रश्नपत्रों का इंतजार करते रहे। अधिकारियों को सूचित करने पर फोन पर प्रश्नपत्र भेजे गए। शिक्षकों ने उन्हें ब्लैक बोर्ड पर लिखा जिसके बाद छात्रों ने उत्तर दिए।
पड़री खुर्द स्कूल में भी छात्रों ने ब्लैक बोर्ड से देखकर उत्तर लिखे। दोनों पालियों में करीब 98.22 फीसदी छात्रों ने परीक्षा में भाग लिया। बीईओ, एआरपी और डायट मेंटर परीक्षा की निगरानी कर रहे थे।
वर्जन...डायट प्राचार्या अमिता सिंह ने बताया कि प्रश्नपत्र बनाने की जिम्मेदारी उनकी थी और बीस दिन पहले ही पेपर दे दिए गए थे। उन्होंने कहा कि बीएसए को वेंडर के माध्यम से प्रश्नपत्र छपवाकर ब्लॉकों में भिजवाने थे। इसके लिए बाकायदा बजट भी जारी हुआ था। बीईओ बिछिया संजय कुमार ने कहा कि प्रश्नपत्र आ रहे हैं और कुछ बंडलों में कम हो सकते हैं। उन्होंने बुधवार से व्यवस्थाओं में सुधार आने का आश्वासन दिया।
परीक्षा छोड़ संकुलों की बैठक कर रहे शिक्षक
वार्षिक परीक्षाओं के बीच ही ब्लॉकों में शिक्षक संकुलों की बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं। इससे शिक्षक परीक्षा छोड़कर बीच में ही बैठक में शामिल होने जा रहे हैं। नतीजतन, एक या दो शिक्षकों के सहारे ही परीक्षा संपन्न कराई जा रही है। मंगलवार को सिकंदरपुर कर्ण में भी यही स्थिति देखने को मिली। जिम्मेदारों ने डेढ़ से दो बजे के बीच बैठक बुला ली, जिससे शिक्षकों को परीक्षा के बीच से ही जाना पड़ा।