बांगरमऊ (उन्नाव)। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर रविवार की रात हुए हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी। दो की पहचान तो हादसे के बाद हो गई थी। तीसरे की पहचान सोमवार की रात आजमगढ़ निवासी के रूप में हुई थी। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम हुआ। उधर, मृतक के परिजनों को एआरएम ने 50 हजार रुपये सहायता राशि दी। कहा कि विभाग की ओर से सात लाख रुपये की और सहायता राशि दी जाएगी।
रविवार की रात एक्सप्रेसवे पर खड़े ट्रक से मथुरा डिपो की रोडवेज बस टकरा गई थी। इसमें तीन यात्रियों की मौत हुई थी। दो की पहचान होने के बाद सोमवार को ही पोस्टमार्टम करा दिया गया था। सोमवार की देर रात तीसरे मृतक की पहचान आजमगढ़ जिले के दीदारगंज थाना क्षेत्र के करुई गांव निवासी मंजीत (27) पुत्र राजबहादुर यादव के रूप में हुई। पोस्टमार्टम हाउस आए बड़े भाई रवि यादव ने बताया कि मंजीत तीन भाइयों में छोटा था। वह मथुरा के एक कारखाने में जींस की रंगाई का काम करता था। होली पर वह घर आ रहा था। बेटे की मौत से मां शारदा और अन्य परिजन बेहाल हैं।
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे रोडवेज के एआरएम गिरीशचंद्र वर्मा और केंद्र प्रभारी मधु वर्मा ने मंजीत के पिता राजबहादुर को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी। एआरएम ने बताया कि यह सहायता राशि दोनों मृतकों को दी जा चुकी है। अभी सात-सात लाख रुपये विभाग की ओर से और दिए जाएंगे। कोतवाल अखिलेशचंद्र पांडेय ने बताया कि तीसरे युवक की पहचान होने के बाद मंगलवार को पोस्टमार्टम कराया गया है।
फोटो-16- मंजीत यादव (फाइल फोटो)।