फोटो-29- शिवनगर के इसी घर में किराए पर रह रहा था बांगलादेशी घुसपैठिया सैफुल। संवाद
उन्नाव/सोनिक। स्लॉटर हाउस और फैक्टरियों में काम करने वालों के सत्यापन में स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) विफल रही है। हर तीन महीने में होने वाली यह प्रक्रिया बांग्लादेशियों को नहीं पहचान पाई। जब भी बांग्लादेशी पकड़े गए, एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) को ही सफलता मिली है। इससे पुलिस के सत्यापन और एलआईयू की रिपोर्ट पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
एटीएस की ओर से पकड़ा गया बांग्लादेशी सैफुल शिवनगर मोहल्ले में कई साल से किराये पर रह रहा था। वह एहतिशाम के घर में कमरा लेकर रहता था।
चर्चा है कि उसे कमरा एहतिशाम के रिश्तेदार अतीक ने दिलवाया था। इस बिंदु पर भी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस फैक्टरियों में काम करने वाले किरायेदारों के सत्यापन की बात करती है। हालांकि आज तक वह किसी भी संदिग्ध को पकड़ नहीं पाई है। इससे उसकी कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।