बेहटामुजावर। गल्ला व्यापारी से लूट की साजिश किसी और ने नहीं बल्कि किराये पर लेकर आए लोडर चालक ने साथियों के साथ रची थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस को पता चला कि चालक बार-बार किसी को लोकेशन दे रहा था। उसकी काल डिटेल निकलवाई तो हकीकत सामने आई। पुलिस ने लूट में शामिल चालक सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर 24 घंटे में खुलासा कर दिया। लूट के 58200 रुपये बरामद किए हैं।
हरदोई जिले के थाना कासिमपुर क्षेत्र के तोरनादेव गांव निवासी गल्ला व्यापारी महेंद्र कुमार पांच नवंबर की रात 10 बजे पड़ोसी गांव नरियारी निवासी रूपेश का लोडर भाड़े पर लेकर 30 क्विंटल मक्का और गेहूं बांगरमऊ बेचने आए थे। बिक्री के 78,847 रुपये लेकर लोडर चालक के साथ लौट रहे थे।
बेहटामुजावर थानाक्षेत्र में ढोलौवा गांव के सामने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर बिना नंबर की कार ने ओवरटेक कर उन्हें रोका था और उससे उतरे तीन बदमाशों ने व्यापारी महेंद्र की गर्दन में चाकू लगाकर बिक्री के 78847 रुपये लूट ले गए थे। घटना के खुलासे के लिए एसपी ने कोतवाली पुलिस के साथ एसओजी को लगाया था।
व्यापारी ने बताया था कि चालक बार-बार किसी को फोन पर लोकेशन दे रहा था। शक के आधार पर पुलिस ने चालक को उठाया और कड़ाई से पूछताछ की तो उसने बताया कि रुपयों के लालच में आकर उसने अपने साथी सफियापुर निवासी निर्मल, हरदोई के कासिमपुर के तोरनादेव निवासी नंदलाल उर्फ नंदू और सफीपुर के लालमवई निवासी दीपक के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया था। तीनों को बताया था कि व्यापारी अधिक माल लेकर बांगरमऊ मंडी जा रहा है। जब बिक्री के रुपये मिल जाएंगे तो फोन करेंगे तब बिना नंबर की कार से आना और लोडर के आगे लगा देना। लोडर रोक देंगे, लूट लगे इसलिए गर्दन पर चाकू लगाना और रुपयों से भरा बैग छीन लेना। जैसा कहा था इन लोगों ने वैसा ही किया और रुपये छीन लिए।
सीओ संतोष सिंह ने बताया कि लोडर चालक और तीनों लुटेरे आपस में साथी हैं। चारों ने पहली बार घटना को अंजाम दिया था। दिमाग यह लगाया था कि कार्तिक पूर्णिमा का दिन होने से पुलिस उसमें व्यस्त होगी और वह आसानी से घटना को अंजाम दे देंगे।
आपस में साढ़ू हैं दीपक और नंदलाल
सीओ संतोष सिंह ने बताया कि लूट में शामिल दीपक और नंदलाल दोनों आपस में साढ़ू हैं। लोडर चालक को छोड़कर अन्य तीनों लुटेरे पहले पंजाब में काम करते थे। यह सब करीब एक महीने पहले ही वहां से आए थे। लोडर चालक से संपर्क होने से चारों ने आपस में बात की और साजिश की कि कोई बड़ा भाड़ा मिले तो बताना उसे लूट का अंजाम देंगे। मोटी रकम मिलने के बाद फिर पंजाब निकल जाएंगे और किसी को शक भी नहीं होगा। सीओ ने बताया कि घटना में प्रयोग कार भी दीपक की थी। लूटे गए 78,800 रुपयों में 58,200 रुपये बरामद हुए हैं। खर्च हुए रुपयों में 10 हजार रुपये दीपक ने अपनी बाइक की ईएमआई भर दी थी। शेष रुपये चारों ने खर्च कर लिए थे।