फोटो-42- बेहटामुजावर थाने में खड़ी क्षतिग्रस्त कार का निरीक्षण करते सेव लाइफ फाउंडेशन के सदस्य।
बेहटामुजावर। एक्सप्रेसवे पर ढोलौआ गांव के पास कार की टक्कर से हुई चार श्रमिकों की मौत और दो के घायल होने की घटना के चौथे दिन भी परिजनों ने तहरीर नहीं दी है। उधर, न तो कार मालिक आया और न ही फोन पर बात करने वाला अधिवक्ता। मंगलवार को सेव लाइफ फाउंडेशन टीम थाने पहुंचकर क्षतिग्रस्त कार का निरीक्षण किया। कार का टायर और सीएनजी पाइप फटा मिला है।
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर 27 सितंबर को ढोलौवा गांव के पास शनिवार सुबह घास काट रहे श्रमिकों को टक्कर मारते हुए कार दूसरी लेन में जाकर पलट गई थी। हादसे में राजखेड़ा गांव निवासी मुनेश (43), अतरी गांव के सरवन (30), झब्बाखेड़ा के लवकुश (40) और रामकिशोर (41) की मौके पर मौत हो गई थी। राजखेड़ा गांव के राकेश और केशनपाल घायल हुए थे।
घायल केशनपाल का निजी अस्पताल मे टूटे पैर का ऑपरेशन हुआ, उन्हें सांस लेने में परेशानी होने पर ऑक्सीजन लगाई गई। दूसरे घायल राकेश के टूटे हाथ में ट्राॅमा सेंटर में प्लास्टर चढ़ाया गया, वह खतरे से बाहर हैं।
थानाध्यक्ष मुन्ना कुमार ने बताया कि सेव लाइफ फाउंडेशन टीम के सदस्यों ने कार का निरीक्षण किया है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कॉपी भी ली है। मृतकों के परिजनों ने अभी तक तहरीर नहीं दी है। कार मालिक और उनके अधिवक्ता ने भी दोबारा संपर्क नहीं किया है।