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Unnao News: गंगा की बाढ़ से फिर कटा शिवराजपुर-कालीमिट्टी मार्ग

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उन्नाव/फतेहपुर चौरासी। लगातार बढ़ रहा गंगा का जलस्तर खतरे के लाल निशान 113 मीटर से मात्र 20 सेंटीमीटर दूर है। 24 घंटे में 17 सेमी पानी बढ़ने से बृहस्पतिवार शाम चार बजे जलस्तर 112.800 मीटर पर पहुंच गया। बाढ़ से एक बार फिर शिवराजपुर-कालीमिट्टी मार्ग कट गया।
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बृहस्पतिवार को कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग कस्बे के पास बने पुल के करीब पांच मीटर पहले फिर कट गया और पानी आर-पार बहने लगा। इससे पहले सात सितंबर को भी मार्ग कटा था, तब पीडब्ल्यूडी ने बालू भरीं बोरियां लगाकर किसी तरह से पानी के बहाव को रोका था। अब फिर से कट जाने से पूर्वी क्षेत्र के करीब 12 गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
कटान की सूचना पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचे और श्रमिकों की मदद से बालू की बोरियां मोटर बोट से डालकर प्रवाह को रोकने का प्रयास शुरू किया। पूर्व प्रधान रामशंकर, सुनील यादव, रामबाबू, पंकज निषाद, विपिन, चंद्रपाल व विजय शंकर आदि ने बताया कि यदि धारा न रोकी गई तो नयाबंगला हिंदूपुर, हिंदूपुर, अर्जुनपुर, दबौली, खैरी, पाल्हेपुर आदि गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे। एक्सईएन हरदयाल अहिरवार ने बताया कि धारा को बंद कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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उधर, खड़ेहरा नाले का पानी कल्याणी नदी में जाने से तीन मार्ग जलमग्न हो गए। हजारों बीघे फसल डूब गईं। जमुनिहाकच्छ मार्ग पर गांव मझेरिया में अधिक पानी भर जाने से आवागमन ठप हो गया। गांव अदिलापुर व कुशालपुरवा के साथ नरीगाड़ा से महामाइनखेड़ा मार्ग पर भी पानी भर गया। गांव के सुधीर विश्वकर्मा, लक्ष्मीशंकर मिश्र, आनंद कुमार शुक्ला, रामासरे, गोविन्द, गोकरन, रहीश, विजय शंकर पांडेय ने बताया कि कल्याणी नदी के बढ़ने से गांव कोलवा, देवीखेड़ा, महमदपुर, अमिलिहा, ख्वाजगीपुर, हयासपुर आदि कई गांवों के किसानों की मक्का, मूंगफली, तिल्ली, उर्द, धान आदि हजारों बीघा फसल डूब गई है।

असोहा-नयाखेड़ा मार्ग पर भरा पानी, आवागमन ठप
असोहा। ब्लॉक क्षेत्र से निकली सई नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार को और बढ़ गया। इसके चलते असोहा-नयाखेड़ा मार्ग पर पानी भर जाने से वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है। दो और चार पहिया सवार जान जोखिम में डाल कर पानी से होकर निकल रहे हैं। पथरहा, कोटवा, धन्नीखेड़ा, गोरिंदा, सेरैया प्राचीन, गोमापुर, भाऊमऊ, सेमरी, निमैचा, बिलौरा, मझरिया, जबरेला और उतरौरा गांवों में खेतों में पानी भर जाने से फसलें डूब गईं। पुरवा तहसीलदार शिवम राठौर ने असोहा-नयाखेड़ा मार्ग पर देवराबाबा के पास से निकली सई नदी पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। लेखपालों से कहा कि फसलों के नुकसान का आकलन करते रहें।

सई नदी का पानी गांवों में घुसा
हसनगंज। सई नदी का पानी आदमपुर बरेठी, मोहान, नसरतपुर, रानीखेड़ा, रसूलपुर बकिया, अहमदपुर टकटोली, बिचपरी, भोगला सहित आसपास के गांवों के कई घरों में घुस गया है। इससे हजारों बीघे धान की फसल डूब गई है। मोहान नगर पंचायत के तकिया व खुर्द मोहल्ला में दुकानों में पानी भरने से सामान भीग गया। एसडीएम शालिनी सिंह तोमर ने बताया कि पानी निकलवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

खेतों और सड़कों पर फिर भरने लगा पानी
चकलवंशी। तीसरी बार गंगा का पानी बढ़ने से फिर से खेतों से लेकर सड़कों पर पानी भरने लगा है। ब्लॉक सिकंदरपुर सरोसी क्षेत्र के मोहद्दीनपुर, करीमाबाद, चंदनखेड़ा, उम्मेदखेड़ा व प्यारेपुर आदि गांव गंगा की बाढ़ की चपेट में हैं। गांव के साहबलाल, शांति देवी, राजू, भैयालाल, सुरेश, रमेश, राहुल, रोहित आदि ने बताया कि अभी पहले का पानी खेतों से नहीं हट पाया है कि फिर पानी आने से परेशानी बढ़ गई है। गांव का फ्लोराइडयुक्त पानी पीने योग्य नहीं है। पीने के लिए दो किमी दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। सड़क पर पानी भरने से अधिक समस्या हो गई है।-

दो झीलों का जलस्तर बढ़ने से आठ गांवों में भरा पानी
नवाबगंज। पिछले दिनों हुई बारिश से बसहा और जलेसर झील उफान पर हैं। झीलों का जलस्तर बढ़ने से विकासखंड के आठ गांवों भितरेपार, शिवसढ़, खजूर, परसंदन, हरचंदपुर, दुंदपुर, सेरसा और पिड़हरी में पानी पहुंच कर गया है। गांवों को आपस में और मुख्य बाजार से जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर कई फीट पानी भर जाने से आवागमन बाधित हो गया है। सड़कों पर जलभराव के कारण ग्रामीण घरों में कैद होने को मजबूर हैं और रोजमर्रा के सामान के लिए भी मशक्कत करनी पड़ रही है। तहसील प्रशासन ने अति-प्रभावित भितरेपार, हरचंदपुर और दुंदपुर गांवों में नावों की व्यवस्था की है।

बाढ़ से जूझ रहे 22 गांवों के लोग
गंजमुरादाबाद। एक पखवाड़े से बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहे 22 गांवों के ग्रामीणों को अभी तक राहत नहीं मिल सकी है। कल्याणी नदी के उफान से खेतों में भरा पानी कम नहीं हो सका है। साथ ही एक-दूसरे से जोड़ने वाले मार्ग अभी भी बंद हैं। विकासखंड क्षेत्र के बेहटाकच्छ, शिवलाल पुरवा, लोनारी देवरिया लहरापुर चोरहा बिरैचामऊ छोट्टापुरवा, फतेहपुर हामजा, करियापुरवा, फतेहपुर खालसा, भिलोई, बाजी पुरवा, इच्छा पुरवा, चिंगरपुरवा, कछियनपुरवा, पकरियापुरवा, तकिया सहित 22 गांव प्रभावित हैं। पिछले दो सप्ताह से इन गांवों के खेतों में दो फिट तक पानी भरा हुआ है। तहसीलदार अखिलेश कुमार मौर्य ने बताया कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तहसील प्रशासन तैयार है।
वर्जन....
अगले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में कुछ वृद्धि हो सकती है लेकिन पानी खतरे के निशान से नीचे ही रहेगा। इसके बाद पानी कम होना शुरू होगा। प्रशासन पूरी तरह से जलस्तर पर नजर रखे है। तहसील अधिकारियों से ग्रामीणों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। -सुशील कुमार गोंड, एडीएम वित्त/राजस्व।
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