जल निकासी अवरूद्ध होने से खेतों में भरा पानी। संवाद
अचलगंज। कानपुर से उन्नाव के बीच निर्माणाधीन आउटर रिंग रोड में मिट्टी भरान से बरसाती पानी निकासी के कई रास्ते बंद हो गए। इससे पानी खेतों में भर गया है। क्षेत्र के कई गांवों के सैकड़ों एकड़ खेत पानी से लबालब हो गए हैं। इससे फसलों के नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है।
कानपुर के रमईपुर से उन्नाव के आजाद मार्ग चौराहे के बीच आउटर रिंग रोड का निर्माण हो रहा है। इसका एक हिस्सा गंगा कटरी के खन्नापुर, बंदीपुर, सुपासी, गड़सर, जेवाखेड़ा, रघुनाथखेड़ा व कंचनखेड़ा आदि गांवों के आसपास से गुजर रहा है। इधर, रिंग रोड निर्माण के दौरान हुए मिट्टी भरान के कार्य से बरसाती पानी के निकास के रास्ते बंद हो गए। इससे बारिश का पानी नहीं निकल पाया और ओवरफ्लो होकर आसपास के खेतों में जाकर भर गया।
गड़सर निवासी रमेश ने बताया कि जेवाखेड़ा से गड़सर को जोड़ने वाला कच्चा गलियारा भी पीएनसी ने बंद कर दिया। इसी गलियारे से बारिश का पानी सिटी ड्रेन में जाता था। निर्माणाधीन रिंग रोड में जगह-जगह पुल और पुलिया बनाई जा रही हैं लेकिन ऊंचाई पर बनने से बारिश का पानी नहीं निकल पा रहा है। इसी कारण खेतों में पानी भरने से मक्का, ज्वार, उर्द, मूंग, भिंडी, तरोई लौकी आदि की फसलें नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई हैं। पानी इतना ज्यादा भर गया है कि रबी सीजन की फसलों की बोआई भी मुश्किल से हो पाएगी।
क्षेत्र के पप्पू यादव, रमेश वर्मा, सोनू यादव आदि ने भाजपा नेता अरुण दीक्षित के साथ मिलकर डीएम घनश्याम मीना को ज्ञापन देकर पानी निकासी की व्यवस्था ठीक कराने की मांग की। एसडीएम सदर राजेश कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि मामले को दिखवाया जाएगा। किसानों की समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा।