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Unnao News: फिर लाल निशान की ओर बढ़ी गंगा, खतरे से मात्र 37 सेमी दूर

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कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग को कटान से बचाने के लिए मरम्मत करते कर्मचारी। संवाद
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उन्नाव/फतेहपुर चौरासी। पहाड़ों पर हुई बारिश से गंगा का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। बुधवार की शाम छह बजे जलस्तर बढ़कर 112.630 मीटर पर पहुंच गया जो खतरे के लाल निशान 113 मीटर से मात्र 37 सेमी ही दूर है। पिछले 24 घंटे में 12 सेमी पानी बढ़ने से फिर कटरी क्षेत्रों में हालात बिगड़ने लगे हैं। गंगा के साथ सई नदी का भी पानी बढ़ने लगा है। इससे रास्तों पर पानी भर गया है। फतेहपुर चौरासी में फिर से काली मिट्टी-शिवराजपुर मार्ग कटान की चपेट में आ गया है।
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गंगा के जलस्तर पुनः बढ़ जाने से कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग के कटान स्थल पर धारा के पार होने का खतरा मंडराने लगा है। लोकनिर्माण विभाग ने मार्ग ने कटान को रोकने के लिए काम शुरू कर दिया है। मालूम हो कि गंगा पुल के पास करीब 600 मीटर कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग गंगा की धारा के परिवर्तित होने से फिर कटने की कगार पर पहुंच गया है। इसकी जानकारी होने पर धारा के आर-पार प्रवाह को रोकने के लिए पीडब्ल्यूडी ने बालू की बोरियां मोटर बोट से कटान स्थल पर डलवानी शुरू कर दीं। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन हरदयाल अहिरवार ने बताया कि मार्ग को कटान से बचाने के प्रयास शुरू करा दिए गए हैं।

सई नदी का जलस्तर बढ़ा, सड़क पर भरा पानी
असोहा। सई नदी का जलस्तर बढ़ने से धान, उर्द, मूंग की करीब सौ बीघा फसल जलमग्न हो गई है। असोहा-नयाखेड़ा-दरेहटा संपर्क मार्ग के ऊपर से पानी बहने लगा, जिसके चलते रास्ता बंद होने के कगार पर आ गया। सड़क पर घुटनों तक पानी बहने के चलते यातायात रोकने के लिए स्थानीय थाने से सिपाही तैनात कर दिए गए। वहीं लोन नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। इसके चलते अतरसई, पौंगहा, बैगांव, तारागढ़ी, जगेथा, झाऊखेड़ा, रमईखेड़ा व छिटईखेड़ा गांवों में जलभराव की स्थिति बन गई। बैगांव में बाजार सहित सरजूदेवी माता प्रसाद इंटर कॉलेज जाने वाला मार्ग भी डूब गया। छात्र पानी से होकर निकलने को मजबूर हुए। एसडीएम दिग्विजय सिंह ने बताया कि लेखपाल को भेजकर जलस्तर को दिखवाया जाएगा।
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परसंदन गांव में भरा पानी, नाव लगाने की तैयारी
नवाबगंज। बसहा और जलेसर झील में पानी अधिक होने के कारण क्षेत्र के भितरेपार व परसंदन गांवों में पानी भर गया है। भितरेपार में दो नावें लगी हैं जबकि परसंदन में स्थितियां खराब होने पर दो नाव लगाने की बात चल रही है।
लेखपाल शैलेंद्र कुमार ने बताया कि क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में फसलों के नुकसान का आकलन किया गया है। भितरेपार में सबसे अधिक 90 फीसदी, पिड़हरी में 65 फीसदी, सेरसा और सलेमपुर में 50-50 फीसदी तक फसलों का नुकसान आंका गया है। लेखपाल अमित सिंह ने बताया कि परसंदन ग्रामसभा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में अब तक 80 फीसदी फसलों के नुकसान का आकलन किया जा चुका है। इसी ग्रामसभा के मजरा खजूर व भितरेपार में 40 फीसदी नुकसान दर्ज किया गया है। बताया कि परसंदन ग्रामसभा के मजरा दुंदपुर में पानी पहुंच जाने से आवागमन बाधित हो गया है। ग्रामीणों के आवागमन के लिए दो नावें उपलब्ध कराई जा रही हैं। उधर, स्वास्थ्य विभाग ने दुंदपुर में शिविर लगवाकर 98 ग्रामीणों का परीक्षण कराया। यहां पर लोगों को दवा वितरित की गई।

कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग को कटान से बचाने के लिए मरम्मत करते कर्मचारी। संवाद

कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग को कटान से बचाने के लिए मरम्मत करते कर्मचारी। संवाद

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