उन्नाव। जनपद के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में डूबी फसलों के नुकसान की भरपाई को आपदा विभाग को तीन करोड़ रुपये मिले हैं। वहीं पानी कम होने के बाद फसल नुकसान का आकलन करने को सर्वे शुरू करा दिया गया है। हालांकि अभी क्षेत्रों में पानी भरा होने से सर्वे तेजी नहीं पकड़ पा रहा है। तीन दिन में मात्र 117 किसानों की 1100 बीघे में बोई गई फसल का ही सर्वे हो सका है।
गंगा के बढ़े जलस्तर में डूबी फसलों के कारण किसानों को काफी नुकसान हुआ है। जलस्तर खतरे के निशान 113 मीटर के पार हो जाने के कारण करीब एक सप्ताह तक फसलों में पानी भरा था। इस कारण धान, मक्का और सब्जियों को नुकसान पहुंचा है। इधर, पांच छह दिन से लगातार पानी कम हो रहा है। इससे जिला प्रशासन ने फसल सर्वे के लिए राजस्व व कृषि विभाग की संयुक्त टीम बनाई है। तीन दिन में राजस्व व कृषि कर्मी ने मिलकर 117 किसानों की डूबी फसल का सर्वे किया है। करीब 1100 बीघे का सर्वे ही पूरा हो पाया है।
अपर जिलाधिकारी सुशील कुमार गोंड ने बताया कि सर्वे शुरू करा दिया गया है। हालांकि अभी क्षेत्रों में पानी पूरी तरह से सूखा नहीं है। अधिकांश तहसीलों में खेतों में पानी भरा हुआ है। इस कारण सर्वे का काम तेजी नहीं पकड़ पा रहा है। फिर भी कर्मचारियों को जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जैसे ही सर्वे पूरा होगा, वैसे ही किसानों के खातों में मुआवजा भेजने की प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी।
खेतों में भरा पानी, किसानों को मुआवजे का इंतजार
परियर। सदर तहसील क्षेत्र के के गांव बाबू बंगला, चंडी बंगला, माना बंगला, कोलवा, टपरा, देवीपुरवा, लालतूपुरवा, पनपथा व बसधना आदि गांवों में धान, लौकी, तरोई, कद्दू, लोबिया, भिंडी व तिल्ली सहित अन्य कई फसलें बर्बाद हो गई हैं। सैकड़ों किसान बर्बाद हुई फसलों के चलते चिंताओं में डूबे हैं। अभी फसलों में पानी भरा होने से सर्वे भी पूरा नहीं हो सका है। इसको लेकर किसान परेशान हैं।
फसलें सड़ीं, मवेशियों के लिए हरे चारे का संकट
गंजमुरादाबाद। पिछले दिनों गंगा नदी में आई बाढ़ से कटरी इलाके के गांव भुड्डा, भिखारीपुर पतसिया, कुंशी, भगवंतपुरवा, गुल्हरिया, मितानपुरवा, सहिबापुर, रतईपुरवा, गढ़ेवा, बगिया, गहरपुरवा, सिरधरपुर, बेहटाकच्छ, शिवलालपुरवा, लोनारी, बाजीपुरवा, इच्छापुरवा, कुशराजपुर व भिलोई आदि गांवों के आसपास की मक्का और धान के अलावा हरी सब्जियां सड़कर नष्ट हो चुकी हैं। मवेशी हरे चारे के संकट से जूझ रहे हैं। देवरिया, लहरापुर, चोरहा, बिरैचामऊ व बल्लापुर आदि गांवों में भी पानी होने से फसल नुकसान का अंदेशा बढ़ गया है। एसडीएम बृजमोहन शुक्ला ने बताया कि अभी बाढ़ का पानी गांवों के किनारे तक भरा है।
सदर तहसील के मानाबंगला में बाढ़ के पानी में डूबी फसल। संवाद
सदर तहसील के मानाबंगला में बाढ़ के पानी में डूबी फसल। संवाद