फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Unnao News: उपकेंद्र में घुसा बाढ़ का पानी, ठप हो सकती है 400 गांवों की बिजली

विज्ञापन
फोटो-19-तहसील बीघापुर के बाढ़ राहत केंद्र चिलौली में लगा ताला। संवाद
विज्ञापन
सफीपुर/चकलवंशी/उन्नाव। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार शाम से शुक्रवार शाम छह बजे तक तीन सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी का पानी खतरे के निशान 113 मीटर से सात सेमी ऊपर बह रहा है। ऐरा भदियार बिजली उपकेंद्र और सफीपुर के शेरपुर गांव का पंचायत भवन जलमग्न हो गया है। जलस्तर और बढ़ने पर करीब 400 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो सकती है।
विज्ञापन

जमालनगर-इब्राहिमाबाद मार्ग डूबने से आवागमन बाधित हो गया है। फसलें भी नष्ट होने की कगार पर हैं जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासनिक बदइंतजामी भी जारी है। तहसील बीघापुर का बाढ़ राहत केंद्र चिलौली अभी भी बंद है। गंगा के साथ कल्याणी नदी में भी बाढ़ का दायरा बढ़ रहा है। कटरी क्षेत्र के 25 गांवों के लिए एकमात्र सनहा-गहोली मार्ग पर भी पानी आ गया है। इससे ग्रामीणों को कस्बे में आने-जाने में परेशानी हो रही है।
तहसीलदार अविनाश चौधरी और लेखपाल सचेंद्र ने प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों को सुरक्षा और सहायता का आश्वासन दिया। ब्लॉक सिकंदरपुर सरोसी के ऐरा भदियार बिजली उपकेंद्र परिसर में भी पानी भर गया है। अवर अभियंता आशीष गुप्ता ने बताया कि उपकरण अभी सुरक्षित हैं, इसलिए सभी फीडरों की बिजली आपूर्ति चालू है। उपकरणों तक पानी पहुंचने पर उपकेंद्र बंद करना पड़ सकता है, जिससे 400 गांवों की आपूर्ति बाधित होगी।
विज्ञापन

करीमाबाद, चंदनखेड़ा, मोहद्दीनपुर, उम्मेदखेड़ा, विक्रमखेड़ा और प्यारेपुर जैसे कई गांवों में पानी भर गया है। उम्मेदखेड़ा गांव की गलियों और घरों के अंदर भी पानी है। साजन, देवान, रुपन, भइयालाल, रामसजीवन, रामसिंह, शंकरी, सर्वेश, मुकेश, सुरेश, परमेश, शत्रोहन, मिथलेश, रमेश, चेतराम, गुड्डू, अभिलाष, परशुराम और शिवशंकर के घरों में पानी घुस गया है। लेखपाल मनोज तिवारी ने बताया कि गांव में दो नावें लगाई गई हैं। बाढ़ से प्रभावित 16 घरों की जानकारी तहसील प्रशासन को भेज दी गई है।

गंजमुरादाबाद के 10 गांवों में पहुंचा बाढ़ का पानी
गंजमुरादाबाद/फतेहपुर चौरासी। गंजमुरादाबाद के कटरी इलाके के कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। फतेहपुर चौरासी के भी अनेक गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। इससे ग्रामीणों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
भुड्डा, भिखारीपुर पतसिया, मितानपुरवा, भगवंतपुरवा, बगिया, गुल्हरिया, भटपुरवा, सहिबापुर, सिरधरपुर और गहरपुरवा गांवों में बाढ़ का असर है। करेला, कद्दू, तरोई, टमाटर के अलावा मक्का और धान की फसलें डूबकर सड़ रही हैं। ग्राम गहरपुरवा के रामनरेश निषाद, रामविलास, विनोद कुमार, शिवदयाल, सुनील कुमार, रामसिंह, रामकली, श्रीराम और शिवकुमार ने बताया कि सभी रास्ते बंद हैं। एसडीएम बृजमोहन शुक्ला ने बाढ़ राहत शिविर और चौकियों को सक्रिय कर दिया है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर राहत सामग्री और नावों की व्यवस्था की जाएगी। फतेहपुर चौरासी के बद्रीपुरवा, लौकिहा, दुर्गापुरवा, कटरा, नेकपुर, चौगवां, सहरिया सलेमपुर, कुशेहर बंगला और चिरंजूपुरवा गांवों में भी बाढ़ का पानी है।
सहरिया और कुशेहर बंगला के ग्रामीण जलमग्न मार्गों से नाव से आवागमन कर रहे हैं। वीर बहादुर सिंह, प्रशांत शुक्ला, शुभम और राकेश ने बताया कि यदि गंगा का जलस्तर इसी प्रकार बढ़ता रहा तो बाढ़ का पानी घरों में घुस जाएगा।

गांव से सात किमी दूर बनाया राहत केंद्र, ग्रामीण परेशान
बीघापुर/अचलगंज। गंगा और पांडु नदी के बीच बसे दूलीखेड़ा व लालखेड़ा में बाढ़ का कहर जारी है। लालखेड़ा चारों ओर पानी से घिर गया है। दूलीखेड़ा के पचघरा, अयोध्यापुरी, शंभू का पुरवा, चौड़ा का पुरवा व जगनू का पुरवा की लगभग ढाई हजार आबादी बाढ़ से प्रभावित है।
मिश्रनखेड़ा, चहलहा के गंगा के किनारे बसे घरों में पानी घुस गया है। छोटी नाव का सहारा लेकर लोग अपना सामान दूलीखेड़ा-शिवराजपुर-फतेहपुर रोड के किनारे लेकर पहुंचाने लगे हैं। लोगों ने मवेशियों को लेकर बाढ़ से निकाल कर फतेहपुर जिले की सीमा में डेरा डाल दिया है। दूलीखेड़ा के ग्राम प्रशासक श्रीकृष्ण यादव ने बताया कि तहसील प्रशासन को चाहिए कि दूलीखेड़ा में बाढ़ राहत केंद्र खोले। बाढ़ राहत केंद्र गांव से सात किलोमीटर दूर होने से लोगों को दिक्कतें होती हैं। आशीष यादव, धनंजय यादव ने बताया कि तहसील प्रशासन की लापरवाही के चलते लोगों की समस्याएं बढ़ी हैं।
वीरेंद्र यादव ने बताया कि मवेशियों के चारे का संकट है। बाढ़ राहत केंद्र केवल कागजों में भी संचालित हो रहे हैं। एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ राहत केंद्रों पर पूरी टीम लगी हुई है। बाढ़ से घिरे गांव के लोगों को सुरक्षित स्थान पर रहने के निर्देश दे दिए गए हैं। उधर, सिकंदरपुर कर्ण क्षेत्र के घोसरापुर, पंचमपुर, छड़उवाखेड़ा आदि गांवों के पास तक पानी पहुंच गया है। कोलुहागाड़ा में बाढ़ राहत केंद्र की चौकी का बैनर लगाया गया है।

राहत शिविर की कराई गई सफाई
परियर। सदर तहसील क्षेत्र के बाबूबंगला, चंडीबंगला, कोलवा, टपरा व पनपथा सहित कई गांव बाढ़ से घिर गए हैं। पानी इन गांवों के घरों में पहुंच गया है। प्रशासन ने आठ नावें लगाई हैं। जानकीकुंड में बनाए गए बाढ़ राहत शिविर की शुक्रवार को सफाई कराई गई। ठहरने व खाने पीने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। शिविर में नायब तहसीलदार, कानूनगो व लेखपाल की तैनाती कर दी गई है।

वर्जन...
पानी बढ़ने की रफ्तार धीमी है। जल्द ही पानी घटने लगेगा। प्रशासन की बाढ़ को लेकर तैयारियां पूरी हैं। ग्रामीण अभी घर छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। इस कारण बाढ़ राहत केंद्र में नहीं जा रहे हैं। गांवों में ही राहत के प्रबंध कराए जा रहे हैं। नावें लगवा दी गई हैं। अन्य व्यवस्थाएं भी कराई जा रही हैं। -सुशील कुमार गोंड, एडीएम वित्त/राजस्व।

फोटो-19-तहसील बीघापुर के बाढ़ राहत केंद्र चिलौली में लगा ताला। संवाद

फोटो-19-तहसील बीघापुर के बाढ़ राहत केंद्र चिलौली में लगा ताला। संवाद

फोटो-19-तहसील बीघापुर के बाढ़ राहत केंद्र चिलौली में लगा ताला। संवाद

फोटो-19-तहसील बीघापुर के बाढ़ राहत केंद्र चिलौली में लगा ताला। संवाद

फोटो-19-तहसील बीघापुर के बाढ़ राहत केंद्र चिलौली में लगा ताला। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें