नवाबगंज। बसहा और जलेसर झील के बीच बने कच्चे बांध के कटने से हरचंदपुर गांव में जलभराव हो गया। ग्रामीणों ने निजी खर्चे से जेसीबी से बांध की मरम्मत शुरू कराई। कुछ लोगों ने इसका विरोध कर काम रुकवा दिया। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने नवाबगंज पुलिस चौकी का घेराव किया।
विकासखंड का हरचंदपुर गांव बसहा-जलेसर झील के बीच स्थित है। इन झीलों के बीच पानी रोकने के लिए बंधा बना है। किसी ने सिंचाई के लिए बंधा काटकर खेत में पानी लगाया। इससे झील का पानी ओवरफ्लो होकर गांव की गलियों में भर गया। शुक्रवार को ग्रामीण बांध की मरम्मत करवा रहे थे। कुछ लोगों ने इसे रुकवा दिया। काम रुकने के बाद ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पुलिस चौकी पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि यदि बांध को समय पर नहीं बांधा गया तो आसपास के करीब 20 गांव जलभराव की चपेट में आ जाएंगे।
सूचना मिलने पर हसनगंज एसडीएम शालिनी सिंह तोमर, तहसीलदार कीर्तिसेन और सीओ तेज बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने परसंदन गांव के विद्यालय में चौपाल लगाई। अधिकारियों ने दोनों पक्षों के लोगों को बैठाकर समस्या हल करने का प्रयास किया। हालांकि बातचीत से कोई समाधान नहीं निकल सका। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए दही और सोहरामऊ थाने की पुलिस भी बुलाई गई।
समस्या के समाधान का आश्वासन
अधिकारियों ने ग्रामीणों को जांच के बाद आगे की कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। तय हुआ कि शनिवार को सिंचाई विभाग के एक्सईएन दीपक कुमार और अन्य अधिकारी मौके पर जाएंगे। वे दोनों झीलों के बीच बने गेट का निरीक्षण करेंगे। उनकी रिपोर्ट के आधार पर जल प्रबंधन के उपाय किए जाएंगे। समस्या का स्थायी समाधान कराया जाएगा।
सपा नेता की जल्द समाधान की मांग की
मामले की जानकारी मिलते ही सपा नेता आंचल वर्मा भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने तहसीलदार से समस्या के निस्तारण की मांग की। गांव में बढ़ते तनाव और हंगामे के बीच हसनगंज सीओ तेज बहादुर सिंह ने स्थिति संभाली। एसडीएम शालिनी सिंह तोमर, तहसीलदार कीर्तिसेन और नायब तहसीलदार आशीष कुमार भी मौजूद थे। अधिकारियों के आश्वासन के बाद सपा नेता ग्रामीणों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठकर वापस लौटीं।
फोटो-32- हरचंदपुर गांव के रास्ते में भरा पानी। संवाद
फोटो-32- हरचंदपुर गांव के रास्ते में भरा पानी। संवाद