उन्नाव। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले 22 घंटे में 12 सेमी जलस्तर बढ़कर जलस्तर बुधवार शाम चार बजे 112.780 मीटर पर पहुंच गया। अब गंगा का पानी खतरे के निशान 113 मीटर से मात्र 22 सेमी दूर है। इससे एक तरफ कटरी के क्षेत्रों में खेतों में बोई फसलें जलमग्न हो गई हैं। कल्याणी के उफान से पुल के ऊपर से पानी बहने से लोगों का आवागमन खतरनाक हो गया है। लोग दहशत में हैं और टोलियां बनाकर रतजगा कर रहे हैं।
कल्याणी नदी के पुल के साथ रामपुर मार्ग भी डूबा
सफीपुर। कल्याणी नदी के बढ़े पानी से जमालनगर-दबौली मार्ग पर बने पुल के साथ रामपुर मार्ग भी डूब गया है। पानी फैलने से एक हजार बीघा फसल खतरे में आ गई है। पुल के ऊपर से पानी बहने से जमालनगर, रामपुर, मुरादपुर, उडंकपुरवा, शेरपुर, कारीमाबाद गांव के किनारे खड़ी फसलें जलमग्न हो गईं। वहीं लोग व छात्र-छात्राएं पानी के बीच से जान जोखिम में डालकर आवागमन करते नजर आए।
पानी बढ़ने की सूचना पर एसडीएम फाल्गुनी सिंह मौके पर पहुंची। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों से बातचीत की। गहोली व जमालनगर राहत चौकियों का निरीक्षण किया। नाविकों से बात करके तैयार रहने के निर्देश दिए। वहीं क्षेत्र के आंट घुसौली, उम्मेदखेड़ा, बंधवा व प्यारेपुर गांव के पास गंगा के बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। खेतों में पानी भरने से खड़ी फसल खराब हो रही है। गांव के राम सेवक, कल्ले, राजू, गुड्डू, वीरेंद्र कुमार ने बताया कि खेतों में सब्जी, तिलहन व मक्का बोया है। बाढ़ का पानी तेजी से आ रहा है। खेतों में पानी भरने से फसल खराब हो जाएगी।
गांव के बाहर तक पानी, अंदर पहुंचने का खतरा
बीघापुर। तहसील क्षेत्र के दुलीखेड़ा और लालाखेड़ा में 24 घंटे में गंगा का छह सेंटीमीटर पानी बढ़ने से खेतों में भरने के बाद बस्तियों की ओर मुड़ गया है। 24 घंटे में गांव के अंदर पानी पहुंचाने की आशंका है। दुलीखेड़ा के धर्मपुर, लालाखेड़ा के मिश्रनखेड़ा, बाबूखेड़ा व चालहा में गांव के किनारे तक पानी पहुंच गया है। ग्राम प्रशासक श्रीकृष्ण यादव ने बताया कि ग्रामीणों को सतर्क कर दिया गया है और जलस्तर अधिक बढ़ने पर शिवराजपुर केंद्र में जाने की सलाह दी है। एसडीएम आनंद कुमार नायक ने बताया कि उन्होंने संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया है। बचाव व राहत के इंतजाम भी कर लिए गए हैं।
किसान घरों के पास पहुंच रहे पानी से परेशान
परियर। सदर तहसील क्षेत्र के देवीपुरवा, बाबूबंगला व पनपथा गांवों के घरों के पास तक जलस्तर पहुंच चुका है। सैकड़ों बीघे फसल डूबने के बाद गांव के आसपास बची थोड़ी बहुत तिल्ली, लौकी, कद्दू, तरोई, लोबिया भी डूबने लगी है।
किसान फसलों को छोड़ अब घरों के पास पहुंच रहे बाढ़ के पानी से चिंतित है। पनपथा के भगीरथ निषाद, दीपक निषाद, राहुल, पंकज निषाद, संतोष व नेकराम आदि ने बताया कि बुधवार को पानी तेजी से बढ़ा है। आसपास की सारी फसलें लगभग डूब चुकी हैं।
फोटो-45-जमालनगर गैर एहतमाली में कल्याणी के डूबे पुल से निकलते ग्रामीण। संवाद
फोटो-45-जमालनगर गैर एहतमाली में कल्याणी के डूबे पुल से निकलते ग्रामीण। संवाद
फोटो-45-जमालनगर गैर एहतमाली में कल्याणी के डूबे पुल से निकलते ग्रामीण। संवाद