फोटो-33-कारखाने में जांच करती खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम। स्रोत: कर्मचारी।
उन्नाव। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शहर के मगरवारा स्थित सॉस कारखाने पर छापा मारा। जांच में पता चला कि लाइसेंस पिछले साल निरस्त होने के बाद भी कारखाना चल रहा था। विभाग ने कारोबारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कानपुर बंगाली मोहाल निवासी गिरीश चंद्र जैन के सॉस कारखाने पर बृहस्पतिवार को छापा मारा। पिछले साल अखाद्य रंगों के प्रयोग के कारण इसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था। इसके बावजूद कारखाने में काम चल रहा था। औद्योगिक प्रयोग के रंगों का सॉस निर्माण में उपयोग पाया गया।
विभाग ने मौके पर मिला करीब 800 किलो सॉस नष्ट करा दिया। इसके अलावा कलर और सॉस के 11 नमूने भी लिए गए। कारोबारी गिरीश चंद्र जैन के खिलाफ सदर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेश दीक्षित ने बताया कि प्राथमिकी जल्द दर्ज हो जाएगी। इसके बाद टीम शुक्लागंज के सीताराम कॉलोनी में मेसर्स सक्षम इंटरप्राइजेज पहुंची। वहां से छोला मसाला, लाल मिर्च पाउडर, मीट मसाला और हल्दी पाउडर के नमूने भरे गए। मौके पर सफाई न मिलने के कारण नोटिस भी दिया गया। कुल 15 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।