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Unnao News: 120 करोड़ खर्च, फिर भी बांस की फंटी पर हाईटेंशन लाइन

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फोटो-20-सिविल लाइन में डीएम आवास के बाहर एचटी लाइन में बंधी बांस की फंटी व फैला तारों का मकड़जा
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उन्नाव। रीवैम्प्ड डिस्टीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) से शहर से लेकर कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर लाइन व पोल बदलने पर अब तक 120 करोड़ खर्च हो चुके हैं। इसके बाद भी शत प्रतिशत जर्जर लाइनें नहीं बदली जा सकी हैं। शहर में ही 150 मीटर में तीन स्थानों पर बंधी बांस की फंटी योजना की पोल खोल रही हैं। आए दिन जर्जर लाइनें हादसों का कारण बन रही हैं।
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बिजली निगम ने 125 करोड़ की आरडीएसएस योजना से जनवरी 2024 में क्षतिग्रस्त व जर्जर पोल के साथ खंभों से तारों का मकड़जाल हटाने के लिए नई केबल बिछाने का काम शुरू किया गया था। इसी बजट में शहरी क्षेत्र के लिए 26.07 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। निगम के सूत्रों का कहना है कि कार्यदायी संस्था द्वारा 96.44 प्रतिशत यानी करीब 120 करोड़ के धरातल पर कार्य पूर्ण होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन दावों के उलट अभी भी शहर में ही एचटी लाइन में बांस की फंटी बांधकर काम चलाया जा रहा है। सिविल लाइन क्षेत्र में ही डीएम आवास के पास ही करीब डेढ़ सौ मीटर क्षेत्र में एचटी लाइन में तीन स्थानों पर फंटी बंधी है और तारों का मकड़जाल फैला हुआ है।
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गंजमुरादाबाद में भी विद्युत लाइन जर्जर, हो सकता है हादसा
गंजमुरादाबाद। क्षेत्र में दशकों पूर्व बिछाई गई विद्युत लाइन कई स्थानों पर जर्जर हो चुकी हैं, जो ढीली होकर लटक रही है। कई स्थानों पर तो लाइन इतनी जर्जर हो चुकी है कि निगम को डंडे और बांस से बांधकर काम चलाना पड़ रहा है। यह लाइनें कभी भी दुर्घटना का सबब बन सकती हैं। जेई कमलेश कुमार ने बताया कि बजट मिलने पर जर्जर विद्युत लाइन को बदला जाएगा।
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वर्जन...
आरडीएसएस योजना से हुए कार्यों का थर्ड पार्टी सत्यापन कराया जाता है। जहां पर बिजली लाइन में बांस बांधकर काम चलाया जा रहा है वहां पर योजना से कार्य हुआ है या नहीं है। इसकी जांच कराएंगे। जहां पर लाइनें जर्जर हैं वहां पर काम कराया जाएगा।
अमिय कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता।

जर्जर लाइनों से एक माह में हुए प्रमुख हादसे
पांच जून-बेहटामुजावर के गदियनखेड़ा निवासी सद्दाम की जमीन से सिर्फ पांच फीट ऊंचे हाईटेंशन लाइन के तार के छूने से मौत हो गई थी।
22 मई-रग्घाखेड़ा में एचटी लाइन की चपेट में आकर दो मजदूर झुलसे थे। एक मजदूर सुनील को गंभीर हालत के कारण लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया था।
10 मई-सराय कटियान में लटकती जर्जर लाइन की चपेट में आकर कुशलीखेड़ा निवासी प्रदीप झुलसा था।

फोटो-20-सिविल लाइन में डीएम आवास के बाहर एचटी लाइन में बंधी बांस की फंटी व फैला तारों का मकड़जा

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