फोटो-35-कपड़ों की सिलाई करतीं मोनिका व प्रीती। स्रोत: स्वयं
सोनिक। राजकीय पॉलिटेक्निक के सहयोग से सिलाई का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद दो युवतियों ने आत्मनिर्भर बनने की ओर कदम बढ़ाया है। दोनों युवतियां कपड़ों की सिलाई से प्रतिमाह छह हजार रुपये की कमाई कर रही हैं। युवतियों ने खुद का काम शुरू करने की भी इच्छा जताई है।
दही चौकी स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक की ओर से 30 युवतियों को सिलाई कढ़ाई के साथ ब्यूटीशियन का छह माह का प्रशिक्षण दिलाया गया था। प्रशिक्षण के बाद इनको प्रमाणपत्र दिया गया है। इनमें से दो युवतियों मोनिका कश्यप और प्रीती वर्मा ने नौकरी शुरू की है। दोनों युवतियों को छह हजार रुपये मासिक मिलने लगे हैं। इससे एक तरफ खुद का खर्च निकलने लगा है तो दूसरी ओर आत्मनिर्भर बनने की ओर भी कदम बढ़ा दिया है। मोनिका और प्रीती ने बताया कि अभी प्रशिक्षण पूरा हुआ है। पहले दूसरी जगह काम शुरू किया है। इससे उनके कार्य में निखार आएगा। फिर ऋण लेकर खुद का काम शुरू करेंगी।