उन्नाव। करीब एक सप्ताह से बेमौसम की आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को तगड़ा नुकसान पहुंचा है। कहीं खेत में गिरे गेहूं अंकुरित होने लगे हैं तो कहीं पर दाना काला पड़ गया है। किसानों को लागत निकलना मुश्किल दिख रहा है। गेहूं की फसल बेचकर बेटी के हाथ पीले करने के किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया। कई किसानों को यह भी चिंता सता रही है कि केसीसी का ऋण कैसे चुकाएंगे। किसानों ने बुधवार शाम को गंजमुरादाबाद में 500 से 600 और मियागंज क्षेत्र में एक हजार बीघा में बोई गई विभिन्न फसलों को नुकसान पहुंचाने की आशंका है।
गेहूं के साथ मक्का और सब्जी की फसलों को भी नुकसान
गंजमुरादाबाद। बुधवार शाम आई आंधी और बारिश के बीच ओलावृष्टि से 500-से 600 बीघा में बोई गईं विभिन्न फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। कस्बे के अलावा आसपास के सुलतानपुर, बरौंकी, हसनापुर, महमदाबाद, कलवारी, चहोलिया, ब्योलीइस्लामाबाद, मटुकरी, आशायस, रानीपुर ग्रंट, हैबतपुर आदि गांवों में गेहूं की पकी खड़ी और कटी फसल के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा मक्का, उड़द, मूंग, टमाटर, बैगन, करेला, लौकी, कद्दू, तरोई, भिंडी, तरबूज, खरबूजा आदि फसलें बर्बाद हो गई हैं। आम को भी नुकसान पहुंचा है। किसान रामसजीवन यादव, गुड्डन कटियार, सुरेंद्र प्रताप सिंह, संदीप कटियार, मोनू सिंह, राजकुमार और प्रदीप कुमार ने फसलों का सर्वे कराकर नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा दिलाने की मांग की है। एसडीएम बांगरमऊ बृज मोहन शुक्ला ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि से फसलों के नुकसान के सर्वे के लिए लेखपालों को लगा दिया गया है। किसानों को अधिक से अधिक मुआवजा दिलाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। (संवाद)
फोटो-32-श्याम कुमार
फसल बर्बाद, पांच मई को है बेटी की शादी
गंजमुरादाबाद ब्लॉक के जोगियाना निवासी श्याम कुमार ने बताया कि पांच बीघा खेत बटाई पर लेकर गेहूं की फसल बोई थी। ओलावृष्टि से फसल बर्बाद हो गई है। बेटी की शादी पांच मई को होनी है। सोचा था कि फसल से मिलने वाले पैसों से बिटिया की धूमधाम से शादी करेंगे लेकिन अरमानों पर पानी फिर गया है।
फोटो-33-रामसजीवन यादव
सड़ गई गेहूं की फसल, कैसे जमा करेंगे ऋण
बांगरमऊ तहसील के गढ़ी निवासी किसान रामसजीवन यादव ने बताया कि तीन बीघा में गेहूं की फसल बोई थी। कटाई कर ली थी लेकिन ओलावृष्टि और बारिश से फसल भीग कर सड़ गई है। फसल बेचकर केसीसी का तीन लाख ऋण जमा करने के लिए सोचा था लेकिन अब यह नहीं समझ आ रहा है कि ऋण कैसे चुकाएंगे।
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हजारों बीघा में बोया गेहूं-टमाटर बर्बाद
सफीपुर। बुधवार को सफीपुर और हसनगंज तहसील क्षेत्रों में ओलावृष्टि और बारिश से एक हजार बीघे से अधिक गेहूं, टमाटर और अन्य फसलों को नुकसान हुआ। आम के बागों में भी करीब 50 से 60 फीसदी अमिया गिर गई है। सफीपुर के कुरसठ, मियागंज, कादिरपुर, खैरनपुर गवासा सहित कई गांव प्रभावित हुए। हसनगंज क्षेत्र के भी अनेक गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। मियागंज और हसनगंज क्षेत्रों में बड़ी संख्या में आम के बाग हैं। कादिरपुर के शकील अहमद ने बताया कि उनका एक बीघा आम का बाग था। उसमें करीब 60 फीसदी अमिया गिर गई हैं। बेचेलाल और राम सिंह की पांच-पांच बीघा गेहूं की फसल ओलावृष्टि से प्रभावित हुई है। खैरनपुर गवासा के कई किसानों की टमाटर व गेहूं की फसल खराब हुई। नौबतपुर, जटपुरवा, अतहा और फतेहपुर जैसे गांवों में बारिश से गेहूं की खड़ी और कटी फसल भीग गई। एसडीएम शिवेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि नुकसान की जानकारी मिलने पर लेखपालों को मौके पर भेजकर क्षति का आकलन कराया जा रहा है। (संवाद)
अन्य क्षेत्रों में भी हुआ नुकसान
फतेहपुर चौरासी। क्षेत्र के किसानों को भी भारी नुकसान हुआ है। कई किसानों ने बताया कि गेहूं की फसल पककर तैयार थी। बारिश के कारण फसल की कटाई और मड़ाई में देरी हो गई है। इससे गेहूं के सड़ने और काला पड़ने का खतरा काफी बढ़ गया है। हसनगंज के धीरखेड़ा समेत कई गांवों में गेहूं की खड़ी फसल गिरकर बर्बाद हो गई। धीरखेड़ा के अर्जुन की तीन बीघे में बोई गई गेहूं की फसल पूरी तरह गिर गई। रामजीवन और शिव शंकर की डेढ़-डेढ़ बीघा फसल को भी नुकसान हुआ है। विधायक बृजेश रावत ने अधिकारियों से जल्द नुकसान का आकलन कर किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए कहा है। (संवाद)
फोटो-27-कुसेला गांव में बारिश में भीगने से अंकुरित होती गेहूं की फसल दिखाता किसान। संवाद
फोटो-27-कुसेला गांव में बारिश में भीगने से अंकुरित होती गेहूं की फसल दिखाता किसान। संवाद