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Unnao News: प्रीपेड मीटर ने बढ़ाई परेशानी, पैसे खत्म होते ही कट जा रही बिजली

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फोटो-6-बिजली निगम के कार्यालय में प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर आ रही समस्याओं की जानकारी देने प
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उन्नाव। बिजली निगम की शहर में शुरू की गई प्रीपेड व्यवस्था लोगों की परेशानी का सबब बन गई है। खाते में जमा रकम कम (निगेटिव बैलेंस) होते ही बिजली आपूर्ति बंद हो जा रही है। कई बार रिचार्ज करने पर खाता एक बार अपडेट हो रहा है। इसके घंटों बाद बिजली आपूर्ति चालू होती है। इससे परेशान उपभोक्ता निगम कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
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रीवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के अंतर्गत सितंबर 2024 में स्मार्ट मीटर लगाने की शुरुआत हुई थी। इसके लिए चयनित एजेंसी मेसर्स पोलारिस प्राइवेट लिमिटेड अब तक शहरी क्षेत्र के 80 हजार उपभोक्ताओं में 26 हजार के यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगा चुकी है। शुरुआत में स्मार्ट मीटर पोस्टपेड व्यवस्था के तहत काम कर रहे थे। 13 मार्च से अचानक सभी में प्रीपेड व्यवस्था लागू कर दी गई। कहने को तो मोबाइल से रिचार्ज की सुविधा दी गई है लेकिन यह व्यवस्था शुरुआती दौर में लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। निगेटिव बैलेंस होते ही लखनऊ में संचालित कंट्रोल रूम से ही स्वत: बिजली बंद हो जाती है। दो से तीन रिचार्ज करने पर रकम एक बार अपडेट हो रही है। यही नहीं दोबारा आपूर्ति चालू होने में करीब तीन घंटे लग रहे हैं।




तीन बार रिचार्ज करने पर आई बिजली



गांधी नगर के उमेश अवस्थी ने बताया कि सोमवार को 750 रुपये निगेटिव बैलेंस होते ही कनेक्शन बंद हो गया। एक हजार रुपये का रिचार्ज किया लेकिन अपडेट नहीं हुआ। कस्टमर केयर से कहा गया कि फिर रिचार्ज करिए। पिछला वाला अपडेट हो जाएगा। तीन बार में तीन हजार रुपये का रिचार्ज करने के बाद एक का बैलेंस अपडेट हुआ। बिजली आपूर्ति शुरू होने में तीन घंटे लग गए। अब दो रिचार्ज का बैलेंस कब आएगा इसकी कोई जानकारी नहीं मिल रही है।
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प्रीपेड व्यवस्था से बढ़ गई परेशानी



मोहल्ला कंजी के मोहम्मद हारुन का कहना है कि प्रीपेड व्यवस्था लागू करने समस्याएं कम होने के बजाय और बढ़ गई हैं। मेरा बिजली बिल पांच हजार के ऊपर कब हो गया पता ही नहीं चला। इसी बीच बिजली आपूर्ति रोक दी गई। तीन हजार जमा किए। तब दो घंटे बाद लाइट आई। इतनी जल्दी पांच हजार की बिजली कैसे खर्च हो गई, इसकी जानकारी कोई नहीं दे रहा है।



तीन गुना आया बिजली बिल



एबी नगर के अरविंद श्रीवास्तव का कहना है कि पोस्टपेड व्यवस्था में 1500 से 2000 रुपये महीना बिल आ रहा था। प्रीपेड व्यवस्था लागू होते ही स्मार्ट मीटर इतना तेज चल रहा है कि 13 से 16 मार्च के बीच ऑनलाइन 4700 रुपये जमा कर चुके हैं। जब इसकी शिकायत लेकर कार्यालय गए तो वहां भी कोई सुनवाई नहीं हुई।



बिना मैसेज कट गई लाइट



मोती नगर के प्रशांत कुमार का कहना है कि बिना एसी चलाए 2200 रुपये बिल आया। इसके बाद बिना मैसेज के बिजली कट गई जबकि बिल जमा करने की तिथि 22 मार्च थी। बात करने पर पता चला कि माइनस बैलेंस हो गया है। इसके बाद 2200 की जगह चार हजार रुपये जमा किए। तब दो घंटे बाद लाइट चालू हो पाई।







परेशानी से बचने के लिए उपभोक्ता ये करें

-निगेटिव बैलेंस होने पर पहले भुगतान करके उसे पॉजिटिव करें। अपने स्मार्ट एप या यूपीपीसीएल.ओआरजी वेबसाइट पर चेक कर लें कि बैलेंस पॉजिटिव हो गया है।

-भुगतान करने के बाद 10 से 15 मिनट का इंतजार करें। अगर बैलेंस पॉजिटिव हो गया है तो आपूर्ति अपने आप शुरू हो जाएगी।

-विभाग को भुगतान स्लिप की फोटो भेजते समय साथ में अकाउंट आईडी भी टाइप करके भेजें।

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पोस्टपेड व्यवस्था से चल रहे स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड कर दिया गया है। लखनऊ मुख्यालय से ही व्यवस्था का संचालन किया जा रहा है। जिले के अधिकारियों का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं है। निगेटिव बैलेंस होते ही सर्वर से कनेक्शन बंद हो जाता है। उपभोक्ता निगेटिव बैलेंस न होने दें। रही बात रिचार्ज में समस्या की तो नई व्यवस्था है। जल्द ही सब सामान्य हो जाएगा। -हिमांशु गौतम, एक्सईएन (शहरी)।

फोटो-6-बिजली निगम के कार्यालय में प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर आ रही समस्याओं की जानकारी देने प

फोटो-6-बिजली निगम के कार्यालय में प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर आ रही समस्याओं की जानकारी देने प

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