उन्नाव। रमजान के आखिरी जुमे को रोजेदारों ने अलविदा की नमाज अदा की। नम आंखों से अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगी। मस्जिदों में रमजान मुबारक के आखिरी जुमे की फजीलत बयान की गई।
कारी तौसीफ रजा ने रमजान को अल्लाह का मेहमान बताया। उन्होंने कहा कि यह महीना बरकत और रहमत लेकर आता है। शब ए क़द्र की पांच रातों में इबादत का सवाब हजार महीने के बराबर होता है। रोजेदारों से रमजान के बचे दिनों का एहतराम करने को कहा गया। उनसे रोजा रखने, नमाज अदा करने और कुरान पढ़ने की अपील की गई। अलविदा की नमाज शहर की जामा, कंजी, जन्नतुल और अताउल्लाह मस्जिदों में भी अदा की गई।