उन्नाव। ड्रोन दीदी में चयनित नौ महिलाओं का ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण पूरा हो गया है। अब उन्हें ड्रोन इंतजार है। ड्रोन शासनस्तर से उपलब्ध कराया जाएगा। महिलाओं को मात्र 10 फीसदी ही रकम देनी होगी। यह रकम भी समूह से लोन के रूप में मिल जाएगी।
प्रदेश सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। इसी कड़ी में 45 महिलाओं को ड्रोन दीदी बनाने का लक्ष्य मिला है। इनमें नौ महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अब इनको ड्रोन उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।
एनआरएलएम के जिला प्रबंधक अशोक कुमार ने बताया कि ड्रोन दीदी के लिए अभी नौ महिलाओं का चयन कर प्रशिक्षण दिया गया है। शेष का चयन चल रहा है। जिन महिलाओं की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है, उनको ड्रोन शासनस्तर से उपलब्ध कराया जाना है। एक ड्रोन की कीमत 10 से 12 लाख है। इसके लिए महिलाओं को मात्र 10 फीसदी धनराशि देनी होगी। यह धनराशि उनको स्वयं सहायता समूह के माध्यम से ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी।
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ड्रोन संचालन के लिए तीन रुपये सौ एकड़ मिलेगा मेहनताना
ड्रोन संचालन के लिए महिलाओं को लगभग 300 रुपये एकड़ का मेहनताना मिलेगा। अभी बीघापुर के सथनीबालाखेड़ा निवासी ललिता ड्रोन चलाकर कमाई कर रही हैं। एक साल में ललिता बीघापुर से बांगरमऊ तक करीब 980 एकड़ में बोई गई आलू, मक्का, केला, धान, गेहूं आदि फसलों में इफ्को नैनो डीएपी व यूरिया के साथ कीटनाशकों का छिड़काव कर चुकी हैं।