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Unnao News: 65.18 करोड़ से बने एसटीपी का निर्माण पूरा, ट्राॅयल शुरू

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फोटो-3-सील किए जाने के बाद सूखा पड़ा शुक्लागंज का इंदिरा नगर नाला। संवाद
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उन्नाव। शुक्लागंज के सीवेज को सीधे गंगा में जाने से रोकने के लिए अहमदनगर में 65.18 करोड़ से बनाए गए एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) का निर्माण पूरा हो गया है। ट्रायल के रूप में इसे चालू किया गया है। एसटीपी में चार नालों का पानी शोधित करने के बाद गंगा में छोड़ा जाएगा। जल निगम के अधिकारियों का दावा है कि इससे गंगा को स्वच्छ बनाने में मदद मिलेगी।
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नगर पालिका परिषद गंगाघाट के चार मोहल्लों इंदिरा नगर, मनोहर नगर प्रथम व द्वितीय व रेलवे ब्रिज नाले का सीवरेज पानी सीधे गंगा में गिरता है। इससे गंगा का पानी गंदा होता रहता है। इन नालों का पानी शोधित करके गंगा में पहुंचाने के उद्देश्य से करीब दो साल पहले अहमदनगर में एसटीपी का निर्माण शुरू हुआ था। पांच एमएलडी क्षमता वाले इस एसटीपी की कुल लागत 65.18 करोड़ है। इसमें 15 साल तक एसटीपी का रखरखाव व मरम्मत का बजट भी शामिल है।
कानपुर की फर्म मेसर्स कानपुर रिवर मैनेजमेंट प्रालि ने निर्माण कराया है। काम पूरा होने के बाद इसे ट्रायल रूप में चालू किया गया है। अभी इसमें शुक्लागंज के सबसे बड़े इंदिरा नगर नाले को इससे जोड़ा गया है। गंगा में गिरने वाले नाले को टैप कर दिया गया है। इस नाले के सीवेज की एसटीपी में शोधन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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तीन महीने ट्रायल, फिर पूरी क्षमता से चलेगा एसटीपी
जल निगम के अधिकारियों के मुताबिक एसटीपी में लिए जाने वाले सीवेज को शोधित करने के लिए अत्याधुनिक उपकरण लगे हैं। इन उपकरणों को पूरी क्षमता के साथ चलाने के साथ उनमें विकसित होने वाले बैक्टीरिया के लिए नियमानुसार तीन माह का समय लगता है। इस कारण इतना समय लगता है। इस समयावधि में ट्रायल कार्य कराया जाएगा। इसके बाद इसे पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जाएगा।
वर्जन...
अहमदनगर में सीटीपी का काम पूरा हो गया है। नियमानुसार तीन माह के ट्रायल रन पर चालू कर दिया गया है। अभी इंदिरा नगर नाले का पानी इससे जोड़ा गया है। इससे इस नाले का पानी फिलहाल सीधे गंगा में जाने पर रोक लग गई है। तीन माह तक ट्रायल के बाद पूरी क्षमता के साथ एसटीपी का संचालन शुरू करा दिया जाएगा। इसके बाद गंगा में शोधित पानी ही जाएगा। -अमित कुमार, एक्सईएन, जल निगम ग्रामीण।
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