सफीपुर। ग्राम पंचायत मियागंज की महिला प्रधान ने विकास कार्यों से गांव की सूरत बदल दी है। स्वच्छता को लेकर गांव में दिन में दो बार कूड़ा उठता है। हर गली व मुख्य रोड पक्की कराई है। शाम ढलते ही 350 लाइटों से गांव जगमगाने लगता है। गांव के पंचायत भवन से महिलाओं को मात्र दो रुपये में सेनेटरी पैड उपलब्ध है। आम जनता की सुविधाओं की उपलब्धता के चलते पंचायत को मुख्यमंत्री प्रोत्साहन पुरस्कार योजना में पहला स्थान हासिल हुआ है और गांव में विकास कार्यों के लिए 35 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली है।
मियागंज ग्राम पंचायत की प्रधान नगमा ने गांव में स्वच्छता अभियान को लेकर घर-घर कूड़ा उठान की व्यवस्था की है। गांव में दो कूड़ा वाहन है। दिन में दो बार कूड़ा उठान होता है। इसके बाद कूड़ा आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) ले जाया जाता है। इसके अलावा गांव में सीसी, इंटरलॉकिंग का जाल बिछाया गया है। जलनिकासी के लिए दो बड़े नाले व रोड के दोनों ओर नालियां बनी हैं। गांव में स्वयं सहायता समूह गठन कराकर क्षेत्र की आसपास की सैकड़ों महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा है। 350 बिजली लाइटें लगवाकर गांव की गलियों को रोशन किया है। प्रधान नगमा का कहना है कि गांव में अभी और विकास कार्य कराने हैं। गांव को ऊंचाइयों पर ले जाना है। जो प्रोत्साहन राशि मिली है, उससे काफी हद तक गांव में और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था करने में मदद मिलेगी।
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महिला प्रधान को यह भी मिल चुका है सम्मान
-26 जनवरी 2025 को दिल्ली परेड के लिए आमंत्रण मिला था। वहां जनपद का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला था।
-सशक्त पंचायत नेत्री अभियान में दिल्ली में हुए कार्यक्रम में भी विकास व महिला उत्थान का अनुभव साझा किया।
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यह भी किए कार्य
-महिलाओं की सुविधा के लिए पंचायत भवन में मात्र दो रुपये में सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की है। -परिषदीय विद्यालय में सीटों व डिजिटल शिक्षा के लिए एलईडी लगवाई। पुस्तकालय में प्रतियोगी किताबें उपलब्ध हैं।
-सिलाई-कटाई सेंटर खोलकर पंचायत की महिलाओं को निशुल्क प्रशिक्षण दिलाया। सौ महिलाएं प्रशिक्षण ले चुकी हैं।
-शिक्षा के स्तर को बेहतर करने के उद्देश्य से कंप्यूटर लैब निर्माण का प्रस्ताव पास कराया। जल्द निर्माण होगा।
-स्वच्छ पेयजल के लिए आरओ प्लांट का प्रस्ताव भी पास कराया। गर्मी शुरू से पूर्व लगाने का लक्ष्य है।
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