फोटो-8- सुबह सात बजे हेड लाइट जालकर एक्सप्रेसवे पर धीमी गति से जाते वाहन। संवाद
उन्नाव/गंजमुरादाबाद। सीजन का पहला घना कोहरा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर नजर आया। करीब 11 घंटे तक एक्सप्रेसवे कोहरे की चपेट में रहा। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान छह डिग्री पर आ गया। हवाओं से लोगों को कड़ाके की ठंड का अहसास हुआ।
दिसंबर का दूसरा सप्ताह चल रहा है। इसके साथ ही कोहरा गिरना भी शुरू हो गया है। आवासीय क्षेत्र में कोहरे का असर अभी कम दिख रहा है लेकिन खुली जगहों पर रात से सुबह तक कोहरे का असर दिखने लगा है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे भी इससे अछूता नहीं रहा। बुधवार की रात दस बजे से कोहरा पड़ने लगा था जो बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे तक रहा। इसके चलते फर्राटा भरने वाले वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा रहा।
सुबह तक एक्सप्रेसवे पर मात्र 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन हेड लाइट जलाकर रेंगते दिखाई दिए। उधर, एक्सप्रेसवे पर बने अवैध कट और टूटी बैरीकेटिंग से छुट्टा व जंगली जानवरों के ऊपर पहुंचने से कभी भी अप्रिय घटना होने की आशंका बनी हुई है। एक्सप्रेसवे के सुरक्षा अधिकारी एके चंदेल ने बताया कि कोहरे के कारण चालकों से सीमित गति सीमा में ही वाहन चलाने की अपील की है। अवैध कटों और टूटी बैरीकेटिंग को पुनः ठीक कराया जाएगा।
चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय कानपुर के मौसम विशेषज्ञ डॉ. सुनील पांडेय ने बताया कि बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 24.9 और न्यूनतम पारा 6.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। उत्तर पश्चिमी चली हवाओं की औसत गति 2.6 किमी प्रति घंटा रहा। अगले तीन दिनों में ठंड बढ़ेगी।