उन्नाव। दो दिनों से मौसम बदला है। आसमान में बादल छाए रहने से धूप नहीं निकल रही है। बृहस्पतिवार को पूरे दिन तड़के से लेकर शाम तक हल्की से लेकर तेज बारिश होती रही। करीब आठ मिमी बारिश होने से अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने से लोगों को ठंड का अहसास हुआ। पानी भर जाने से खेतों में कटी पड़ी धान की फसल को नुकसान की आशंका है।
बुधवार को पूरे दिन बदली छाई रही थी। इससे पहले दिन में हल्की बारिश भी हुई थी। बृहस्पतिवार तड़के चार बजे से शुरू हुई बारिश शाम पांच बजे तक होती रही। बीच में कभी तेज तो कभी हल्की बारिश हुई। लगातार बारिश से अधिकतम तापमान 25 से घटकर 24 और न्यूनतम पारा 18 डिग्री सेल्सियस ही बना रहा। चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय कानपुर के मौसम विशेषज्ञ डॉ. सुनील पांडेय ने बताया कि चक्रवाती तूफान मोंथा के कारण ही बारिश हो रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग से मिले पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार को भी घने बादल छाए रहेंगे। बूंदाबांदी के साथ हल्की बारिश के आसार हैं।
मड़ाई से पहले ही भीग गई 20 फीसदी फसल
इस बार जिले में 1.24 हेक्टेयर धान की रोपाई की थी। इसमें से 20 फीसदी 24800 हेक्टेयर फसल की कटाई हो गई थी। किसान मड़ाई की तैयारी कर रहे थे, तभी मौसम बदल गया और बारिश शुरू हो गई। पिछले दो दिन तक बूंदाबांदी के साथ हल्की बारिश हुई लेकिन बृहस्पतिवार को पूरे दिन बरसे पानी से खेत भर गए। ऐसे में खेत में कटी पड़ी फसल भीग गई।
किसान किसी तरह से भीगी फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखने में जुटे रहे। किसान चंद्रशेखर, अखिल, भगत, प्रदीप शुक्ला आदि का कहना है कि फसल भीग जाने से दाना काला पड़ जाएगा। पैदावार भी कम होगी। शेष फसल अभी भी खेत में काटने के लिए ही खड़ी है। उधर, खेत में पानी भरा होने से गेहूं की बुआई भी लेट होने की संभावना है।
कृषि विज्ञान केंद्र धौरा के कृषि वैज्ञानिक डाॅ. जय यादव ने बताया कि बारिश होने से कटी फसल को नुकसान हो सकता है। दाना काला पड़ने की वजह से मंडी में अच्छा रेट नहीं मिलेगा। जिला कृषि अधिकारी शशांक कुमार का कहना है कि इस बारिश से बुआई और कटाई दोनों में देरी होगी। किसान खेतों में पानी जमा न होने दें। मौसम साफ होने पर पानी निकाल दें।
बारिश से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट
बारिश से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट रहा। शहर में कब्बाखेड़ा उपकेंद्र की लाइन में फाल्ट आ जाने से सिविल लाइन क्षेत्र की बिजली आपूर्ति करीब दो घंटे तक बाधित रही। इसके अलावा पीडीनगर, कासिमनगर, सिटी पावर हाउस, आवास विकास कालोनी आदि की बिजली भी आती जाती रही। पुरवा में शाम 3:53 बजे 33केवी लाइन की मुख्य लाइन का तार टूट जाने से आपूर्ति बाधित हो गई। शाम 6.10 बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। जेई संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि कस्बे की बिजली आपूर्ति चालू कर दी गई है। अन्य फीडरों को चालू करने का प्रयास किया जा रहा है। उधर, नवाबगंज, औरास, सफीपुर, हसनगंज में भी बारिश के दौरान ब्रेकडाउन से बिजली एक से दो घंटे तक बाधित रही।
डॉक्टर की सलाह, भीगने से बचें हो सकते हैं बीमार
बारिश में लापरवाही सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। फिजिशियन डॉ. अमित तिवारी ने बताया कि इस समय वायरल इंफेक्शन, सर्दी-जुकाम, बुखार और डेंगू का संक्रमण तेज है। भीगने से शरीर का तापमान अचानक घटता है, इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए भीगने से बचें और भीगने की स्थिति में तुरंत कपड़े बदलें तथा गर्म पेय पदार्थ जैसे अदरक की चाय या सूप का सेवन फायदेमंद होता है। गुनगुना पानी पीना लाभकारी हो सकता है। साफ-सफाई और संतुलित आहार से भी बचाव किया जा सकता है। (संवाद)
जून से अक्तूबर महीने तक हुई बारिश
माह-सामान्य बारिश- हुई बारिश
जून-67 एमएम-112.7 एमएम
जुलाई-262.1 एमएम-131.4 एमएम
अगस्त-247.3 एमएम-173.6 एमएम
सितंबर-70 एमएम-165.3 एमएम
अक्तूबर-30.3 एमएम-22.3 एमएम
फोटो-29-बारिश से भीगी धान की फसल को पानी निकालता किसान। संवाद
फोटो-29-बारिश से भीगी धान की फसल को पानी निकालता किसान। संवाद