उन्नाव। लंबे समय से खस्ताहाल दो गांवों को जोड़ने वाले 12 प्रमुख संपर्क मार्गों को पक्का किया जाएगा। इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने 42 लाख का प्रस्ताव तैयार कराया है।
ग्राम पंचायतों में दो गांवों को जोड़ने वाले कई ऐसे संपर्क मार्ग हैं जो लंबे समय से खस्ताहाल हैं। इन पर आवागमन करने में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई मार्ग तो पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हैं। गिट्टी उखड़ने से वाहन सवार अक्सर गिरकर चोटिल हो जाते हैं। लोक निर्माण विभाग ने सभी छह तहसीलों के 12 मार्गों को पक्का करने का प्रस्ताव तैयार कराया है।
50 हजार की आबादी को मिलेगा लाभ
इन मार्गों का नए सिरे से डामरीकरण कराया जाएगा। इसमें मियागंज, सिकंदरपुर सरोसी, बिछिया, नवाबगंज के साथ बांगरमऊ सहित अन्य क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्र के मार्ग शामिल किए गए हैं। इससे करीब 50 हजार की आबादी को फायदा मिलेगा और उनका आवागमन सुलभ होगा।
ये हैं दो गांवों को जोड़ने वाले कुछ प्रमुख मार्ग
-गुलाबखेड़ा से शिवबालक सिंह स्कूल धौकलखेड़ा संपर्क मार्ग
-घोघी का मजरा धनईया से मसवासी संपर्क मार्ग
-गुरुधरी जोधाखेड़ा संपर्क मार्ग
-मखदूमपुर से कन्हैयाखेड़ा संपर्क मार्ग
-लगलेसरा से पनापुर संपर्क मार्ग
-पमेधिया से मीरकपुर संपर्क मार्ग
-सेलापुर से गोंदारी संपर्क मार्ग
-भवनखेड़ा से धनइया खेड़ा मार्ग
-बजेहरा से हिनौरा स्कूल मार्ग
-सातन से शिवपुर होते हुए नयाखेड़ा तक
दो गांवों को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों का प्रस्ताव तैयार कराया गया है। प्रस्ताव को शासन को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। बजट मिलने पर कार्य शुरू कराया जाएगा। -हरदयाल अहिरवार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी प्रांतीयखंड।