फोटो-12-भाई के माथे पर रोचना करतीं बहन। संवाद
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उन्नाव। भाई-बहन के प्यार और अटूट रिश्ते का प्रतीक भाई दूज का पर्व पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने भाइयों को रोचना-टीका लगाकर उनकी लंबी उम्र की कामना की। वहीं भाइयों ने रक्षा का वचन देकर उपहार भेंट किए।
दिवाली के धूम धड़ाके के बाद बृहस्पतिवार को भाई दूज का पर्व मनाया गया। सुबह से ही घरों में त्योहार को लेकर बहनों से तैयारियां शुरू कर दी थीं। बहन व भाई सुबह जल्द तैयार हुए। ग्रामीण व शहरी इलाकों में घरों में बेर के पेड़ की डाल लाकर उसकी विधि-विधान से पूजा अर्चना की गई। इसके बाद बहनों ने भाइयों के माथे पर टीका लगाकर मुंह मीठा कराया। वहीं भाइयों ने बहनों को पैसे व आकर्षक उपहार दिए। मिठाई की दुकानों पर भी काफी भीड़ रही।
भाई दूज पर बंदियों से मिलीं बहनें, नम हुईं आंखें
उन्नाव। भाई दूज पर जेल में बंद भाइयों को टीका रोचना करने के लिए बहनों की काफी भीड़ रही। जेल प्रशासन ने त्योहार पर बहनों को मिलने की छूट दी। भाई दूज के पर्व पर बृहस्पतिवार सुबह से ही जेल परिसर में महिलाएं पहुंचने लगी थीं। भाइयों को टीका-रोचना और मुंह मीठा कराने के लिए पहुंची महिलाओं की अलग-अलग लाइन लगवाकर जेल अधिकारियों ने मुलाकात कराई। प्रत्येक बंदी से मुलाकात के लिए अधिकतम 30 मिनट का समय दिया गया। बहनों ने भाइयों को रोचना लगाकर, मुंह मीठा कराया। इस दौरान भाई, अपनी बहनों को उपहार स्वरूप कुछ नहीं दे पाए लेकिन भविष्य में अपराध न करने का वादा किया। जेल अधीक्षक ने बताया कि 323 बहनों की मिलाई कराई गई है। (संवाद)
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