मौरावां-बिहार मार्ग को चौड़ा करने के लिए खोदी गई सड़क। संवाद
उन्नाव। दो जनपदों को जोड़ने वाले मौरावां-बिहार मार्ग के 46.91 करोड़ से होने वाले चौड़ीकरण व नवनिर्माण के लिए चल रहे कार्य में सुस्ती हावी है। ठेकेदार द्वारा चौड़ाई बढ़ाने के लिए सड़क खोद दी गई है। पक्का निर्माण शुरू न करने से इस मार्ग से आवागमन लोगों के लिए खतरनाक हो गया है।
मौरावां-बिहार मार्ग को तीन मीटर से सात मीटर चौड़ा करने के लिए पिछले साल 2024 में मंजूरी मिली थी। शासन से चौड़ीकरण व नवनिर्माण के लिए 46.91 करोड़ का बजट स्वीकृत होने के बाद पीडब्ल्यूडी ने काम शुरू कराया था। चार माह पहले ठेकेदार ने 18 किमी लंबे इस मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर किनारे की सड़क खोदी थी। खोदी गई सड़क का डामरीकरण कार्य शुरू नहीं किया गया। इससे यह सड़क अभी भी खुदी पड़ी है। इससे लोगों को जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से आवागमन करना पड़ रहा है। रात के अंधेरे में तो इस मार्ग से सफर ज्यादा खतरनाक हो रहा है। सामने से आते वाहनों की तेज लाइट दूसरी तरफ के लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा देती है। इससे किसी भी समय कोई हादसा होने का खतरा बढ़ जाता है।
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कई जनपदों के लोग करते हैं मार्ग से आवागमन
आवागमन के लिए यह महत्वपूर्ण मार्ग है। एक तरफ फतेहपुर और दूसरी ओर लखनऊ रायबरेली जाने के लिए लोग इसी मार्ग का प्रयोग करते हैं। बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर समेत अन्य जनपदों से आने वाले वाहन इसी रास्ते से लखनऊ, फैजाबाद, बाराबंकी जाते हैं। यही नहीं प्रतिदिन सैकड़ों छोटे व भारी वाहनों के अलावा बिहार से मौरावां के मध्य तथा लिंक मार्गों पर स्थित 20 ग्राम पंचायतों व 50 से अधिक मजरों की एक लाख से अधिक आबादी के आवागमन के लिए यही मुख्य रास्ता है। यातायात की दृष्टि से अति व्यस्ततम मार्ग होने के बाद भी जिम्मेदारों द्वारा निर्माण को लेकर लापरवाही बरती जा रही है।
मौरावां बिहार मार्ग पर काम चल रहा है। जब बारिश होती है, तब मजबूरी में काम बंद करना पड़ता है। वैसे मार्ग का काम पूरा करने के लिए जून 2026 तक की समयावधि है। जल्द काम पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। एक, दो दिन में डामरीकरण शुरू करा दिया जाएगा।
हरदयाल अहिरवार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी प्रांतीयखंड।