फोटो-13-गांव में भरे बाढ़ के पानी में खेलते बच्चे। संवाद
गंजमुरादाबाद। कल्याणी नदी का जलस्तर अब घटने लगा है लेकिन अभी भी सड़कों पर पानी भरा है। इससे लोगों का आवागमन प्रभावित है। लगातार कई दिनों तक पानी भरा होने से करीब 188 बीघा फसलें सड़ने की कगार पर हैं।
पिछले दिनों हरदोई क्षेत्र में गंगा नदी की बाढ़ का पानी कल्याणी नदी में मिल गया था। इससे गंजमुरादाबाद क्षेत्र के लोनारी, कुशराजपुर, बाजीपुरवा, भिलोई, देवरिया, तकिया, पकरियापुरवा, कछियनपुरवा, छोट्टापुरवा आदि गांव बाढ़ के पानी से घिर गए थे। पानी से मक्का, मूंगफली, उड़द, मूंग आदि फसलें जलमग्न हो गई थीं। अब तक पानी भरा होने से फसलें सड़ने की कगार पर पहुंच गई हैं।
इससे पहले गंगा नदी में आई बाढ़ की चपेट में आकर मक्का व हरी सब्जियां पहले ही बर्बाद हो चुकी हैं। वहीं कल्याणी नदी के जलस्तर के घटने की प्रक्रिया अब शुरु हो गई है। जिससे बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है लेकिन रास्तों में पानी भरा होने से आवागमन प्रभावित है। सबसे अधिक बाढ़ प्रभावित गांव कुशराजपुर, लोनारी, भिलोई व देवरिया आदि गांवों के प्रधानों के अलावा भाजपा मंडल अध्यक्ष सोनू सिंह चंदेल ने प्रशासन से मदद की मांग की है। बीडीओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ कम होने लगी है। उसके बाद होने वाली समस्याओं को निस्तारित करने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे।