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Unnao News: हाईकोर्ट की फटकार भी बेअसर... कहीं सीसीटीवी के तार कटे, कहीं इन्वर्टर से नहीं जुड़े

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औरास थाना के महिला हेल्प डेस्क के बाहर लगा खराब कैमरा व बगल के आम के पेड़ से लटकते कैमरे के तार - फोटो : samvad
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उन्नाव। सदर कोतवाली में अवैध हिरासत और उत्पीड़न के मामले की सुनवाई में हाईकोर्ट ने इसी साल जनवरी में सभी पुलिस थानों और प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और 18 महीने की फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए थे लेकिन इस पर पूरी तरह अमल नहीं किया गया। सीसीटीवी कैमरे तो लगा दिए गए, लेकिन अधिकतम 12 महीने की ही फुटेज स्टोरेज क्षमता के डीबीआर लगाए गए। इनमें भी किसी के तार कटे हैं तो किसी का इन्वर्टर या जनरेटर से कनेक्शन नहीं है। इससे बिजली जाते ही कैमरों की रिकार्डिंग बंद हो जाती है।
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उन्नाव शहर निवासी रूबी सिंह ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंड पीठ में याचिका दायर की थी। आरोप लगाया था कि उन्नाव पुलिस ने उन्हें अवैध रूप से हिरासत में लिया और उनके साथ मारपीट की। याचिकाकर्ता के अनुसार, पांच अगस्त 2025 को पुलिस ने उनके कुछ रिश्तेदारों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर उन्हें उठा लिया, लेकिन गिरफ्तारी मेमो जारी नहीं किया। आरोप यह भी था कि सात अगस्त 2025 की रात एक महिला याची को अवैध रूप से लॉकअप में रखा गया और उसके साथ अश्लील टिप्पणियां की गईं।
न्यायाधीश ने उन्नाव के तत्कालीन एसपी को भी व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने और संबंधित अवधि की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था। एसपी द्वारा फुटेज उपलब्ध न होने का कारण बताते हुए डीजीपी के परिपत्र का हवाला देने पर अदालत ने गहरी नाराजगी जताई थी। इसके बाद पुलिस विभाग ने थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों के डीबीआर तो बदलवाए लेकिन इसकी क्षमता एक साल की ही फुटेज सुरक्षित रखने की है।
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डीबीआर की क्षमता अधिकतम एक साल
जिले के 21 थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग एक साल से ज्यादा सुरक्षित रखने की क्षमता नहीं है जबकि न्यायालय ने 18 महीने तक फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश हैं।
जिले में महिला और साइबर थाना मिलाकर कुल 21 थाने हैं। न्यायालय के आदेश के अनुसार, थानों के प्रवेश-निकास द्वार, मुख्य गेट, लॉकअप और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर कैमरे लगने चाहिए। एक-दो थानों को छोड़कर, लगभग सभी थानों में यह व्यवस्था है। पड़ताल में पता चला कि कैमरे चल रहे हैं और फुटेज भी सुरक्षित रखी जा रही है लेकिन केवल एक साल के लिए। ऐसे में सवाल उठता है कि 18 महीने तक फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश के बावजूद स्टोरेज क्षमता क्यों नहीं बढ़ाई गई।

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दिखावे के लिए लगे कैमरे, तार कटे
औरास। थाना परिसर में सीसीटीवी के नाम पर कहने को आठ कैमरे लगे हुए हैं। लेकिन कैमरों के तार कटे होने से निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। पड़ताल में पाया गया कि मुख्य गेट पर कैमरा न लगाकर गेट से 50 मीटर दूर संडीला-चकलवंसी मार्ग पर बिजली के पोल पर कैमरा लगा है। थाना परिसर में टीन शेड व उपनिरीक्षक कक्षों के बाहर कैमरे नहीं है। थाने परिसर में बने पुराने महिला हेल्प डेस्क के बाहर दीवार पर लगे कैमरे के तार कटे मिले। थानाध्यक्ष संजीव कुशवाहा ने बताया कि परिसर में आठ कैमरे लगे हैं। जिसमें मालखाना हवालात, कार्यालय सहित अन्य स्थानों पर कैमरे लगे हैं। 24 घंटे निगरानी के लिए एक इन्वर्टर और जनरेटर भी लगा हुआ है। एक साल तक कैमरों की रिकॉर्डिंग रखी जाती है।


फोटो-2
दावा...दो महीने से बढ़ाकर 12 महीने की गई क्षमता
हसनगंज। कोतवाली परिसर में छह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं वह सभी संचालित है। कोतवाल शरद कुमार ने बताया कि मुख्य गेट, मंदिर के पास, महिला हेल्प डेस्क, कोतवाल कार्यालय, जीडी कक्ष समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों की रिकॉर्डिंग एलसीडी कक्ष में देखी जा सकती है। बताया कि कैमरों में रिकॉर्ड होने वाला डेटा एक साल तक सुरक्षित रहता है। एक साल वाले रिकॉर्डिंग वाले कैमरे अभी अप्रैल माह में ही लगाए गए हैं। इसके पहले दो महीने की क्षमता वाले लगे हुए थे।

इन प्रमुख स्थानों पर जरूरी हैं कैमरे

थाने के सभी प्रवेश और निकास द्वार
लॉकअप और उसके बाहर का क्षेत्र
गलियारे, लॉबी, रिसेप्शन व थाना परिसर के सामने का हिस्सा
इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर के कमरे
ड्यूटी ऑफिसर का कमरा, थाना हॉल, बरामदे
शौचालयों के बाहर का क्षेत्र।

ये भी जरूरी
कैमरों में नाइट विजन तथा ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा होनी चाहिए। बिजली या इंटरनेट की कमी होने पर उसकी भी व्यवस्था होनी चाहिए ताकि रिकार्डिंग बंद न हो।

वर्जन....

पिछले वित्तीय वर्ष में बजट मिला है। अप्रैल से सभी थानों में आठ-आठ कैमरे और एक साल से ज्यादा की फुटेज सुरक्षित रखने की क्षमता वाली डीबीआर लगाई जा रही हैं। ज्यादातर थानों में काम पूरा हो गया है, जहां बाकी है वहां भी तेजी से पूरा कराया जा रहा है।-जेपी सिंह, पुलिस अधीक्षक

औरास थाना के महिला हेल्प डेस्क के बाहर लगा खराब कैमरा व बगल के आम के पेड़ से लटकते कैमरे के तार- फोटो : samvad

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