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Unnao News: आरपीएफ की हिरासत में नेपाली युवक की मौत, प्रभारी समेत चार निलंबित

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उन्नाव। लखनऊ से कानपुर जा रही पुष्पक एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रियों से अभद्रता और विरोध करने पर एक नेपाली युवक ने मंगलवार रात एक महिला सहित चार यात्रियों पर धारदार हथियार से घायल कर दिया। यात्रियों ने रेलवे के हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दी तो उन्नाव आरपीएफ ने हिरासत में ले लिया। देर रात हवालात में आरोपी ने अपने गले पर ताबड़तोड़ कई वार कर खुद को घायल कर लिया। देर रात आरपीएफ, उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंची जहां मृत घोषित कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार कस्टडी मौत की इस घटना में आरपीएफ पोस्ट प्रभारी, उपनिरीक्षक समेत चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।लखनऊ से कानपुर जा रही पुष्पक एक्सप्रेस ट्रेन में मंगलवार रात एक नेपाली युवक, नशे में यात्रियों से गाली-गलौज और अश्लीलता करने लगा। विरोध करने पर उसने यात्रियों पर ब्लेड जैसे धारदार हथियार से हमला करके एक महिला और तीन पुरुष यात्रियों को घायल कर दिया। यात्रियों ने हेल्पलाइन नंबर 139 पर फोन करके सूचना दी।
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रात 10:20 बजे जैसे ही ट्रेन उन्नाव पहुंची आरपीएफ ने हमलावर को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम अनिल पुत्र कउदे और निवासी नेपाल देश के डॉग जिले के थाना बिजोली टिकरी बताया। आरपीएफ ने उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की और हवालात में डाल दिया।
इसी दौरान उसने धारदार हथियार से गले में करीब 10 से 12 बार वार करके खुद को घायल कर लिया। रात करीब 11 बजे आरपीएफ कर्मियों की नजर पड़ी तो उसे खून से लथपथ देख पसीने छूट गए। आरपीएफ एसआई सुरजीत सिंह ने सिपाहियों की मदद से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया जहां हालत गंभीर होने तुरंत ही हैलट रेफर कर दिया गया, वहां पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। बुधवार को आरपीएफ ने उसका कानपुर में ही पोस्टमार्टम कराया। कस्टडी मौत की घटना से लखनऊ तक के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सूत्रों के अनुसार घटना में आरपीएफ उन्नाव के पोस्ट प्रभारी इंस्पेक्टर हरीश कुमार, एसआई सुरजीत सिंह सहित चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। इंस्पेक्टर का सीयूजी नंबर घटना के बाद से स्विच ऑफ है।
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वहीं घायल बंदी को जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचाने और भर्ती रजिस्टर में अपना नाम और मोबाइल नंबर दर्ज कराने वाले एसआई सुरजीत सिंह, किसी तरह की घटना की जानकारी न दे पाने की स्थिति में होने का हवाला देकर टालमटोल करते रहे।
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