नवाबगंज। डहरौली गांव में मंगलवार सुबह सात बजे कच्ची कोठरी गिरने से चारपाई पर सो रही वृद्धा मलबे में दब गई। परिजन जब तक बाहर निकालते तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। अजगैन कोतवाली क्षेत्र के डहरौली निवासी नन्हका देवी (60) कच्ची कोठरी में छप्पर डालकर रहती थीं। मंगलवार की सुबह सात बजे कोठरी के अंदर चारपाई पर सो रही थीं। इसी दौरान दीवार ढह गई और वृद्धा मलबे में दब गई। तेज आवाज सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। आनन-फानन मलबा हटाकर उन्हें बाहर निकाला लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
बेटे भइयालाल ने बताया कि मां अकेले ही इस कच्ची कोठरी में रहती थीं। वृद्धा की मौत से चार बेटे और तीन बेटियां बेहाल हैं।
ग्राम प्रशासक मनोज कुमार ने बताया कि मृतका को 2008 में आवास मिला था लेकिन उस पर छत नहीं डलवा पाई थी। इसीलिए पुराने घर में ही रह रही थी। बेटे अलग रहते हैं। कोतवाल सुरेश सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। (संवाद)