उन्नाव। तीन दिन की बारिश ने सड़कों की हालत खराब कर दी। कहीं नई बनी सड़क का डामर बह गया तो कहीं पुरानी सड़क का पैचवर्क। इससे सड़कों पर गड्ढे हो गए और लोग हिचकोले खाते सफर कर रहे हैं। सड़क पर बिखरी बजरी से बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
जर्जर हुई सड़कों में 92 करोड़ रुपये से बने कानपुर-लखनऊ हाईवे की सड़क भी शामिल है। इसके अलावा 30 लाख से बनी दो सड़कें भी गड्ढों में समा गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि पैचवर्क में तो अभी भुगतान नहीं हुआ है लेकिन नई बनी सड़कों का पैसा दिया जा चुका है। इनका कहना है कि सड़कों की जांच कराई जाएगी। ठेकेदारों से दोबारा बनवाई जाएगी। उधर, सड़कों पर गड्ढे होने से लोग परेशान हो रहे हैं। इससे न केवल सफर में ज्यादा वक्त लग रहा है, बल्कि सड़कों पर हुए गड्ढों में गिरकर अस्पताल भी पहुंच रहे हैं।
फोटो-9-कानपुर-लखनऊ हाईवे पर मुर्तजानगर के पास सड़क में हुए गड्ढे। संवाद
सड़क-1
92 करोड़ से बनी सड़क में हो गए गड्ढे
जाजमऊ से बनी बॉर्डर तक लखनऊ-कानपुर हाईवे की लंबाई करीब 82 किलोमीटर है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सड़क का नवनिर्माण कराने के लिए कार्यदायी संस्था को 92 करोड़ का ठेका दिया था। अक्तूबर 2024 में हाईवे (एनएच 25) के नवीनीकरण के तहत पुरानी सड़क को उखाड़ कर डामर की नई परत बिछाने का काम शुरू हुआ था। पिछले साल काम पूरा हुआ था। छुटपुट काम अभी भी जारी है। इधर, तीन दिन की हुई बारिश में लखनऊ जाने वाली लेन में गड्ढे होने लगे हैं। मुर्तजानगर, दही थाना, बसीरतगंज, सोनिक, दही तिराहा आदि स्थानों पर हुए गड्ढे काफी गहरे हैं। इससे रात के अंधेरे में आवागमन काफी खतरनाक हो गया है। कार्यदायी संस्था के मैनेजर आरके सिंह का कहना है कि बारिश काफी ज्यादा हुई थी। इसी कारण गड्ढे हुए हैं। जल्द मरम्मत कराई जाएगी।
सड़क-2
फोटो-10-बिछिया के शहजादपुर से पिपरोसा संपर्क मार्ग में हुए गड्ढों में भरा पानी। संवाद
30 लाख से बनीं दो सड़कें सात माह भी नहीं चलीं
सोनिक। बिछिया विकास खंड की ग्राम पंचायत सोनिक के मजरे शहजादपुर से दुर्गाखेड़ा और पिपरोसा के बीच सड़क की मरम्मत इसी साल फरवरी में हुई थी। तकरीबन 15 लाख रुपये खर्च हुए थे। इसी प्रकार अलगनगढ़ रेलवे फाटक से कानपुर-लखनऊ हाईवे को जोड़ने वाली सड़क की मरम्मत में 15 लाख खर्च हुए थे। दोनों सड़कों को बने अभी सात माह ही हुए हैं पर इस बारिश में दोनों ही सड़कें गड्ढों में समा गई हैं। बारिश से डामर बह गया है। गिट्टी बाहर आ गई है। इसमें पानी भर गया है। लोग हिचकोले खाते सफर कर रहे हैं।
सड़क-3
फोटो-11-शहर के कचहरी पुल पर बनी सड़क में उखड़े पैचवर्क से फैली बजरी। संवाद
22 किमी का पैचवर्क 10 दिन में ही बहा, आवागमन खतरनाक
पीडब्ल्यूडी ने 10 दिन पहले कचहरी पुल की सड़क का पैचवर्क कराया था। बारिश से पैचवर्क बह गया है। बजरी सड़क पर फैल गई है। इससे आवागमन खतरनाक हो गया है। कमोबेश यही स्थिति गड्ढामुक्त अभियान में शामिल करीब 22 किलोमीटर में कराए गए पैचवर्क की है। अधिकांश पैचवर्क पानी में बह जाने से फिर से गड्ढे हो गए हैं। हालांकि पैचवर्क में किसी का भुगतान नहीं हुआ है। शासन ने सड़कों को 1052 किमी सड़कों के गड्ढों को भरने के लिए 2.60 करोड़ दिए हैं। 10 दिन पहले ही कार्य शुरू हुआ था कि एक तरफ बारिश से डामर बह गया। दूसरी ओर काम भी बंद हो गया।
यह सड़कें भी हैं खस्ताहाल
-गदनखेड़ा से जिला अस्पताल को आने वाला संपर्क मार्ग
-उन्नाव-शुक्लागंज रोड में अकरमपुर व करोवन मोड़ के पास गड्ढे
-कानपुर-लखनऊ हाईवे से अचलगंज को जोड़ने वाला आजाद मार्ग
-सफीपुर में हसनापुर से खलीलनगर व देवगनमऊ-बम्हना मार्ग
-सफीपुर का डाकिया से हंसनखेड़ा व जमालनगर-दबौली संपर्क मार्ग
-बिछिया के रामपुर खालसा गांव से रुपऊ पुल को जोड़ने वाला मार्ग
वर्जन....
बारिश से कम समय में ही क्षतिग्रस्त सड़कों की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर पेनल्टी लगाने के साथ ही ठेकेदारों से दोबारा सड़क बनवाई जाएगी। सड़कों पर हुए पैचवर्क में अभी भुगतान नहीं हुआ है। बारिश के चलते मात्र दस फीसदी ही काम हो पाया था। अभी भुगतान किसी का नहीं हुआ है। दो-तीन दिन में फिर से काम शुरू कराया जाएगा। -हरदयाल अहिरवार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी।
बिछिया के शहजादपुर से पिपरोसा संपर्क मार्ग में हुए गड्ढों में भरा पानी। संवाद
बिछिया के शहजादपुर से पिपरोसा संपर्क मार्ग में हुए गड्ढों में भरा पानी। संवाद
बिछिया के शहजादपुर से पिपरोसा संपर्क मार्ग में हुए गड्ढों में भरा पानी। संवाद
बिछिया के शहजादपुर से पिपरोसा संपर्क मार्ग में हुए गड्ढों में भरा पानी। संवाद
बिछिया के शहजादपुर से पिपरोसा संपर्क मार्ग में हुए गड्ढों में भरा पानी। संवाद