उन्नाव। जिले में 24 घंटे में रिकॉर्ड 144.4 मिलीमीटर बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इससे पहले वर्ष 2021 में सितंबर की 25-26 तारीख को 141 मिमी बारिश हुई थी। बारिश से करीब 75 कच्चे घर गिरने से पिता-पुत्री समेत छह लोग घायल हो गए। वहीं आठ मवेशी मर गए।
बारिश से सात मुख्य मार्गों पर पेड़ गिरने से पांच घंटे तक जाम लगा रहा। कई क्षेत्रों की गुल हुई बिजली 36 घंटे बाद भी बहाल नहीं हो सकी। गंगा एक्सप्रेसवे में सोनिक टोल प्लाजा पर तीन फीट तक सड़क पर पानी भर गया। इसके अलावा जल निगम कार्यालय व स्वास्थ्य केंद्रों में भी पानी भरने से लोग परेशान हुए। डीएम ने 29 सितंबर तक ऑरेंज अलर्ट जारी रहने और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
बीघापुर में 28 तो पुरवा में 22 कच्चे घर गिरे
बीघापुर/पुरवा/नवाबगंज। बीघापुर के गौरी, बेहटा गोपी, ओसियां आदि गांवों में लगातार हो रही बारिश से करीब 27 कच्चे घर गिरे हैं। लेखपाल रविकांत ने गांव पहुंचे और नुकसान का आकलन किया।
पुरवा में गदोरवा, बरवट, मियाटोला, कटांव, हिलौली, बनिगांव, बसनोहा, टीकर खुर्द, टीकर कला, कुदरा और चमियानी समेत अन्य गांवों में करीब 22 कच्चे घर गिरे हैं। एसडीएम दिग्विजय सिंह ने बताया कि लेखपाल से सर्वे कराया जा रहा है। सिकंदरपुर सरोसी के अलग-अलग गांव में लगातार बरसात से 11 घर गिरे हैं।
धौकलखेड़ा निवासी रामदयाल के गिरे कच्चे घर में तीन लाख का सामान मलबे में दब गया। इसी गांव के लक्षिमन, सर्वेश, दिनेश, देवी, गुलाबखेड़ा में संतोष, शिवबरन, गौरी में जगतपाल, रामगुलाम और शिवकुमार के घर और जवाहरखेड़ा में रामसजीवन की पक्की दीवार बरसात में ढह गई।
परियर निवासी सरजू देई पत्नी राजू, मीरा पत्नी श्यामबाबू का कच्चा घर गिर गया। करवसा निवासी रामौतार और सदमपुर निवासी दिनेश का भी कच्चा घर बारिश के कारण गिर गया। नवाबगंज की ग्राम पंचायत जनसार के मजरे नयाखेड़ा की सरजू देवी, नन्हकी, फूलन देवी, कैथनखेड़ा की सीमा, राजवती, रामजानकी, महदेई, महतवानी की कुशमा और सरस्वती के कच्चे घर गिर गए। ग्राम प्रशासक पवन शर्मा ने बताया कि जिन लोगों के घर बारिश में गिरे हैं। उनमें से कुछ लोग रिश्तेदारी में चले गए हैं। कुछ पड़ोसियों के यहां शरण लिए हैं जबकि दो परिवारों को सरकारी स्कूल में रोका गया है।
बताया कि सभी पीड़ित पात्र हैं। कई लोगों के दो साल से सूची में नाम भी हैं लेकिन अभी तक उनको आवास का पैसा नहीं मिला है। सफीपुर में गांव कुसैला निवासी अनुराग अग्निहोत्री का कच्चा घर गिरने से पत्नी व तीन बेटियों के साथ वह खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। बीडीओ धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि आवास के लिए चयनित है। जल्द ही आवास के लिए पैसा मिलने की उम्मीद है।
घर गिरने से पिता-पुत्री समेत छह घायल
नवाबगंज। विकासखंड के आशाखेड़ा निवासी शिवनरेश शुक्रवार रात करीब आठ बजे घर के बाहर कमरे में लेटे थे। उनकी बेटियां कोमल (15) और गोल्डी (23) पीछे वाले कमरे में थीं। इसी दौरान अचानक तेज आवाज से दीवार गिर गई। पिता व दोनों बेटियां मलबे में दबकर घायल हो गईं। पड़ोसियों ने मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला। पास के डॉक्टर से उपचार कराया गया। आराम नहीं मिलने पर शनिवार को दोनों को सीएचसी नवाबगंज में दिखाया गया। जहां उपचार किया गया।
बांगरमऊ के ग्राम जमुनिहा बंगर में शनिवार सुबह घर की कच्ची दीवार पर रखे छप्पर के नीचे बैठी विमला देवी (47) पर अचानक दीवार का आधा हिस्सा आ गिरा, जिसके नीचे वह दब गई। परिजनों ने मलबे से बाहर निकाल कर सीएचसी में भर्ती कराया। फतेहपुर चौरासी के गांव नया बंगला हिंदूपुर में शनिवार को श्रीकृष्ण की कच्ची दीवार गिरने से उनकी बेटी अंजली (10) घायल हो गई। पिता ने बताया कि दीवार के नीचे दबने से पैर में आंशिक चोट आई है।
औरास क्षेत्र के मिर्जापुर अजिगांव निवासी बालगोविंद तिवारी की बेटी विधि तिवारी (22) शनिवार सुबह घर के पास बने शौचालय गई थी। तभी शौचालय के पास खड़ी कच्ची दीवार तेज बरसात के चलते गिर गई। चपेट में आकर विधि दब गई। ग्रामीणों ने विधि को मलबे से बाहर निकाला और सीएचसी में भर्ती कराया। जहां विधि का इलाज चल रहा है।
दूसरी घटना नंदौली गांव निवासी हृदय मौर्य का कच्चा मकान भरभरा कर गिर गया। गनीमत रही उस समय कच्चे मकान में कोई नहीं था। इस संबंध में क्षेत्रीय लेखापाल राजीव कुमार ने बताया घर गिरने की सूचना मिली है बरसात बंद होने पर नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट एसडीएम को दी जाएगी।
घर गिरने से मलबे में दबकर आठ मवेशियों की मौत
अचलगंज। बंथर निवासी नीरज यादव गांव के पुराने कच्चे घर को छोड़ कर बगल में ही पक्का मकान बनवाकर रहते हैं। खाली पड़े घर में बेसहारा गोवंश बारिश से बचने के लिए अपना ठिकाना बनाए थे। शनिवार सुबह करीब 10 बजे घर भरभरा कर गिर गया। जिसके नीचे आठ गोवंश दब गए। मकान मालिक नीरज ने बाहर भगाने का प्रयास किया तो दो गोवंश ही निकल पाए, शेष छह की दबकर मौत हो गई। सूचना पर बदरका चौकी प्रभारी अनिल त्रिपाठी, कानूनगो राकेश शुक्ल, लेखपाल मनीष शुक्ल व संदीप मौके पर पहुंचे। पशु चिकित्साधिकारी सुपासी डॉ. राकेश कुमार ने शवों का पोस्टमार्टम करके दफन कराया। उधर,
आसीवन क्षेत्र के लगलेसरा के मजरा शिवसिंहखेड़ा निवासी किसान अच्छेलाल की भैंस कच्ची दीवार पर रखे छप्पर के नीचे बंधी थी। बारिश में कच्ची दीवार गिरने से भैंस दब गई। ग्रामीणों ने किसी तरह उसे बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। टिकरा कूमेदान निवासी श्रीराम की गोंडा में कच्ची दीवार के पर छप्पर के नीचे 10 बकरे और बकरियां बंधी थी। दीवार भरभरा कर गिरने मवेशी दब गए। ग्रामीणों ने बाहर निकाला लेकिन तब तक एक बकरी की मौत हो चुकी थी। लेखपाल विशाल ने मौके पर पहुंचकर जांच की और रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेजने की बात कही है।
पेड़ गिरने से पांच घंटे बाधित रहा आवागमन
हसनगंज/औरास/सफीपुर/परियर। क्षेत्र के लखनऊ-बांगरमऊ मार्ग महुआ चौराहे के पास शनिवार को आंधी और बारिश से यूकेलिप्टस का पेड़ सड़क पर गिर गया। इससे करीब आधे घंटे तक मार्ग पर आवागमन बाधित रहा। नवई-चांदपुर-झलिहाई मार्ग पर झलोतर गांव के पास यूकेलिप्टस का पेड़ सड़क पर गिरने से पांच घंटे तक यातायात ठप रहा। बाइक सहित कार सवार लोग अजगैन-मुंशीगंज मार्ग से दस किलोमीटर का चक्कर लगाकर गए। वन विभाग के कर्मचारियों ने पेड़ को काटकर सड़क से हटाया।
औरास-रहीमाबाद मार्ग पर नंदौली पुल के पास एक शीशम गिरने से चार घंटे यातायात बाधित रहा। सीमऊ-अजीजनगर मार्ग पर एक आम का पेड़ गिरने से कई गांवों के लोगों का आवागमन बंद हो गया। शनिवार शाम पांच बजे संडीला-चकलवंशी मार्ग पर पंडितखेड़ा व शीशी गांव के बीच में विशाल पेड़ गिरने ने दोनों तरफ पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया। वन विभाग बीट इंचार्ज राजेश ने वन कर्मियों के साथ पहुंचकर रास्ता साफ करवाकर पेड़ हटवाया। परियर-चकलवंशी मुख्य मार्ग पर नीम व पावा गांव के पास यूकेलिप्टस का पेड़ गिर जाने से आवागमन बाधित हो गया। ग्रामीणों ने छोटी टहनियां हटाई तो आवागमन शुरू हो सका। परियर से माना बंगला जाने वाले रोड पर दो स्थानों पर यूकेलिप्टस पेड़ गिरने से आवागमन बंद रहा।
लखनऊ-बांगरमऊ मार्ग पर आसीवन व मियागंज के बीच में मुख्य रास्ते पर तीन पेड़ गिरने से आवागमन एकतरफ का बाधित रहा। उन्नाव-संडीला मार्ग पर गांव मकबूलखेड़ा व असरेंदा के पास मुख्य मार्ग पर पेड़ गिरने से एक तरफ विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। वहीं यातायात प्रभावित हुआ। आसीवन थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह व वन डिप्टी रेंजर सुभाष चंद्र अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच कर पेड़ों को काट कर मुख्य मार्ग से हटवाया, तब दोनों ओर से आवागमन सुचारू हो सका।
जमालनगर गैर एहतेमाली के पास सड़क किनारे खड़ा आम का पेड़ गिर गया। प्रशासक प्रतिनिधि सर्वेश कुमार ने पेड़ की टहनियां काटकर हटवाया। दो घंटे मार्ग अवरुद्ध रहा। इसी पंचायत के अमराखेड़ा में प्राथमिक पाठशाला की दीवार पलट गई। मियागंज-सफीपुर मार्ग पर राजकीय कन्या इंटर कॉलेज के पास पेड़ गिर जाने से एक घंटा मार्ग अवरुद्ध रहा।