फतेहपुर चौरासी (उन्नाव)। करीब एक साल से कटान से प्रभावित कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग गंगा की बाढ़ से सोमवार की सुबह बह गया। गंगा पुल से करीब डेढ़ सौ मीटर पहले मार्ग बहने से गंगा की धारा आर-पार बहने लगी। इससे 12 गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मामले की जानकारी मिलने पर पीडब्ल्यूडी एक्सईएन ने आनन-फानन कर्मचारियों को मौके पर भेजा। मजदूरों को लगाकर मोटर बोट की मदद से बालू की बोरियां रस्सी के जाल में बांधकर मार्ग दुरुस्त करने का काम शुरू कराया गया।
उन्नाव-हरदोई रोड को कालीमिट्टी से फतेहपुर चौरासी होते हुए कानपुर के शिवराजपुर से जोड़ने वाले 14.6 किमी लंबे इस मार्ग का चौड़ीकरण 16 जून 2025 को हुआ था। इसके बाद आवागमन के लिए खोला गया था। अगस्त 2025 में गंगा में आई बाढ़ और फिर कटान से मार्ग का काफी हिस्सा पानी में बह गया था। इसके बाद से वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था। पीडब्ल्यूडी ने यहां ईंट भरी बोरियां लगाकर कटान रोकने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली।
सोमवार की सुबह करीब पांच बजे गंगा की धारा पुल से 150 मीटर पहले मार्ग को काटकर आर-पार बहने लगी। इससे क्षेत्र के लोगों में हलचल मच गई। जानकारी पीडब्ल्यूडी एक्सईएन को हुई तो उन्होंने तुरंत विभागीय कर्मियों को मौके पर भेजा। इसके बाद मजदूरों को बुलाया गया। बहे हिस्से तक पहुंचने के लिए मोटर बोट का सहारा लिया गया। इसके जरिए बालू की बोरियां भेजी गई। इन्हें रस्सी के जाल में बांधकर (गैबियान विधि) से धारा को रोकने और रास्ते को दुरुस्त करने का काम शुरू किया गया।
इंसेट-1
12 गांवों में बाढ़ का खतरा, फसलों के बर्बाद होने की आशंका
क्षेत्र के विनोद, रामदुलारे, पिंटू, रामबाबू, शिवशंकर, माधौ आदि ग्रामीणों ने बताया कि यदि जल्द धारा नहीं बांधी गई तो नया बंगला, हिंदूपुर, अर्जुनपुर, दबौली, खैरी, पाल्हेपुर आदि गांवों में पानी पहुंच जाएगा। इससे हजारों बीघा मक्का, धान, ज्वार, तिल्ली और सब्जी आदि की फसलें बर्बाद हो जाएंगी।
इंसेट-2
एक माह पहले बंद करा दिया था वैकल्पिक खड़ंजा मार्ग
इसी साल मार्च में 650 मीटर लंबा वैकल्पिक खड़ंजा मार्ग का निर्माण कराकर हल्के वाहनों का आवागमन शुरू कराया गया था। पिछले माह जब गंगा में पानी बढ़ा तो फिर प्रशासन से इसे भी बंद करा दिया था। भारी वाहनों का आवागमन करीब एक साल से बंद है। मार्ग को कटान से बचाने के लिए पीडब्ल्यूडी ने एचबीटीयू कानपुर के इंजीनियरों से भी मदद मांगी थी। उन्होंने कटानस्थल को देखा था और धरातलीय सत्यापन के बाद रिपोर्ट तैयार की थी। पीडब्ल्यूडी को भेजी गई रिपोर्ट में इंजीनियरों ने कटान रोकने के लिए बोल्डर पिचिंग कार्य कराने की संस्तुति की थी।
इंसेट-3
एक तरफ कानपुर तो दूसरी ओर लखनऊ और हरदोई को जोड़ता है मार्ग
यह मार्ग कानपुर व उन्नाव को जोड़ता है। इस मार्ग से खैरागाड़ा, रुस्तमपुर, मन्नानगर, चिरंजूपुरवा, जयराजमऊ, पसनियाखेड़ा, सीतारामखेड़ा, परशुरामपुर, गड़ाई, दबौली बाजार, हिंदूपुर, खलकखेड़ा, सुब्बापुरवा, नयाबंगला, शहरिया सलेमपुर, कुशेहर बंगला आदि करीब 40 गांवों की दो लाख की आबादी आवागमन करती थी। इसी मार्ग से वाहन कालीमिट्टी से एक तरफ बांगरमऊ तो दूसरी ओर चकलवंशी होते हुए वाया लखनऊ, हरदोई व कन्नौज आदि जनपदों को आवागमन करते थे। मार्ग के कट जाने से अब इन गांवों के लोगों को करीब 50 किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है।
फोटो-5
सबसे पहले बाढ़ की चपेट में आएगा हिंदूपुर गांव
किसान ओमप्रकाश ने बताया कि मार्ग काटकर बह रही गंगा की धारा से सबसे पहले उनका गांव हिंदूपुर ही चपेट में आएगा। इससे फसलों के साथ अमरूद आदि के बाग भी प्रभावित होंगे।
फोटो-6
बर्बाद होंगी फसलें, कई गांव भी बाढ़ की चपेट में आएंगे
अर्जुनपुर के रमेश चंद्र ने बताया कि मार्ग कटने से बह रही धारा से पूरब क्षेत्र में किसानों की किनारे खड़ी फसलें बर्बाद हो जाएंगी। यदि धारा अधिक बढ़ी तो कई गांव भी बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे।
वर्जन...
मार्ग बहने की सूचना पर तुरंत कर्मचारियों को भेजा गया था। जांच के बाद मजदूरों को लगाकर बोरियां लगाने का काम शुरू करा दिया गया है। करीब 50 मीटर मार्ग को सही कराकर पैदल आवागमन योग्य बनवाया जाएगा। शासन को नए सिरे से मार्ग निर्माण के लिए 17 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। लखनऊ मुख्यालय के अधिकारियों से बात हुई है। अगले माह तक बजट जारी होने की उम्मीद है। -हरदयाल अहिरवार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी।
फोटो-1-शिवराजपुर-कालीमिट्टी मार्ग में बहे हिस्से की मरम्मत में लगे मजदूर। संवाद- फोटो : 1
फोटो-1-शिवराजपुर-कालीमिट्टी मार्ग में बहे हिस्से की मरम्मत में लगे मजदूर। संवाद- फोटो : 1
फोटो-1-शिवराजपुर-कालीमिट्टी मार्ग में बहे हिस्से की मरम्मत में लगे मजदूर। संवाद- फोटो : 1
फोटो-1-शिवराजपुर-कालीमिट्टी मार्ग में बहे हिस्से की मरम्मत में लगे मजदूर। संवाद- फोटो : 1
फोटो-1-शिवराजपुर-कालीमिट्टी मार्ग में बहे हिस्से की मरम्मत में लगे मजदूर। संवाद- फोटो : 1