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Unnao News: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की बारिश से कटी मिट्टी, 10 फीट गहरा गड्ढा

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अचलंगज/असोहा। दो दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की साइड पटरी की मिट्टी बहने और दबने के मामले बढ़ गए हैं। बृहस्पतिवार को बेहटा गांव के पास पानी के बहाव से करीब तीन फीट चौड़ा और दस फीट गहरा गड्ढा हो गया। जगेथा गांव के पास सहित करीब दस स्थानों पर साइड पटरी (फुटपाथ व सेफ्टी ग्रिल वाला हिस्सा) धंस गया है। लोकार्पण स्थल से 10 मीटर दायरे में जर्किंग की समस्या होने पर निर्माण एजेंसी पीएनसी ने बृहस्पतिवार को मरम्मत कराई।
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लोकार्पण के 13वें दिन से धंस रहे कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे में कुछ सुधार हुआ लेकिन लगातार दो दिनों से रुक-रुक कर हुई बारिश में सड़क किनारे की पटरी में जगह-जगह कटान हो रही है। खराब ड्रेनेज सिस्टम ठीक करने के लिए निर्माण एजेंसी पीएनसी एक जगह मरम्मत करती है तो दूसरी जगह मिट्टी धंस जाती है।
बृहस्पतिवार को कानपुर-लखनऊ लेन पर किलोमीटर संख्या 63.3 बेहटा गांव के सामने बने अंडरपास के पास बारिश से 10 फीट गहरा गड्ढा हो गया। इससे सड़क की फुटपाथ लेन में करीब चार मीटर गहरा गड्ढा हो गया। कानपुर-लखनऊ लेन पर किलोमीटर संख्या 50.6 के पास भी सड़क के स्लोप की मिट्टी बैठने से गड्ढा हो गया है। किमी संख्या 57,7 नेवरना गांव के सामने सड़क व्हील ट्रैक बने हैं। वहीं लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन पर किलोमीटर संख्या 49.3 जगेथा अंडरपास के दोनों तरफ जर्किंग होने से बृहस्पतिवार को तीनों लेन को ठीक कराया गया।
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एनएचएआई के पीडी ने निरीक्षण कर देखी स्थिति
एक्सप्रेसवे के सुधार के काम की प्रगति और गुणवत्ता जांचने के लिए एनएचएआई के पीडी नवरतन ने निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेसवे की सड़क की मरम्मत का काम पूरा हो गया है। जहां भी छोटी-छोटी कमियां नजर आती हैं उन्हें भी ठीक कराया जा रहा है। स्थिति जांचने के लिए बुधवार रात को टीम के साथ निरीक्षण किया था। जहां भी सुधार की आवश्यकता है निर्माण एजेंसी पीएनसी को निर्देश दिए हैं। रेन कट की समस्या है। हालांकि कानपुर से लखनऊ लेन की ड्रेनेज सिस्टम को पूरी तरह ठीक कर दिया गया है। लखनऊ से कानपुर वाली लेन में कुछ काम बाकी है उसे भी कराया जा रहा है।

फोटो-27- गंगा एक्सप्रेसवे पर मरम्मत कार्य में लगी मशीनें। संवाद
गंगा एक्सप्रेसवे पर आई दरारों की कराई मरम्मत
बुधवार को किमी संख्या 422 के पास सड़क पर आई थीं दरारें
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनिक। मेरठ से प्रयागराज तक बने गंगा एक्सप्रेसवे पर किमी संख्या 422 के पास आई दरारों की बृहस्पतिवार को कार्यदायी संस्था ने मरम्मत कराई। हालांकि संस्था ने इसे रूटीन पैच वर्क बताया है।
मेरठ से प्रयागराज बने गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 29 अप्रैल को हुआ था। पहली ही बारिश में इसकी गुणवत्ता की पोल खुल गई। बुधवार को किमी संख्या 422 के पास आई दरारों की कार्यदायी संस्था ने बृहस्पतिवार को मरम्मत करा दी है। वहीं, बारिश का पानी निकालने के लिए नालियां भी क्षतिग्रस्त हो गई थीं। एक सप्ताह पहले ही कार्यदायी संस्था ने इनकी मरम्मत कराई थी। इन नालियों में एक बार फिर से कई स्थानों पर दरार आने से वे बैठने लगीं हैं। हालांकि एक्सप्रेसवे पर आ रही खामियों को दूर करने के लिए कराए जा रहे कामों को कार्यदायी संस्था रूटीन पैच वर्क बता रही है।
गंगा एक्स्प्रेसवे की निर्माण एजेंसी पटेल इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट मैनेजर आरके मिश्र ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर सुधारात्मक कार्य किए जा चुके हैं। यातायात को सुचारू रखा गया है। रूटीन पैच वर्क चलता रहता है

फोटो-28- गंगा एक्सप्रेसवे की सड़क व सेफ्टी वॉल के बीच भरा बारिश का पानी। संवाद
एक्सप्रेसवे किनारे भर रहा बारिश का पानी
सोनिक। गंगा एक्सप्रेसवे बनाने के बाद किनारे बची जगह में सेफ्टी वॉल खड़ी की गई है। सड़क व सेफ्टी वॉल के बीच में बारिश के बाद जलभराव हो गया है। जानकार बताते हैं कि इसी जलभराव के चलते एक्सप्रेसवे पर बार-बार दरारें आ रहीं हैं। कार्यदायी संस्था बारिश के पानी के सूखने का इंतजार कर रही है। लेकिन अंदर-अंदर एक्सप्रेसवे के नीचे की मिट्टी को नम कर रहा है। नतीजतन में सड़क दबने से उस पर दरारें आ रहीं हैं।

फोटो-29- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बराती खेड़ा के पास गड्ढे को भरने के डाली गई मिट्टी। संवाद
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे किनारे कटान की मरम्मत शुरू
हसनगंज। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर बारिश के पानी के बहाव से बारातीखेड़ा गांव के पास सड़क किनारे कटी मिट्टी की मरम्मत शुरू करा दी गई है।
बृहस्पतिवार को यूपीडा के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कटे हुए किनारे पर मिट्टी डालकर उसे समतल कराने का काम शुरू कराया। यूपीडा के एक्सईएन राजेश तिवारी ने बताया कि बारिश के पानी से जहां-जहां किनारा कट गया था, वहां मिट्टी डलवाकर भराई कराई जा रही है, जिससे आगे होने वाले कटान को रोका जा सके।
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