फतेहपुर चौरासी। बालामऊ रेलवे लाइन पर जसरा मारुफपुर गांव के पास शुक्रवार की रात मजदूर मालगाड़ी की चपेट में आ गया। उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। पुलिस ने जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
जसरा मारुफपुर निवासी श्रवण कुमार ने बताया कि बेटा कन्हैयालाल (36) मजदूरी करता था। शुक्रवार की शाम माथर बाजार से सब्जी खरीदने गया था। रात करीब साढ़े आठ बजे सब्जी लेकर पैदल घर लौट रहा था। गांव के रेलवे अंडरपास में पानी भरा होने के कारण वह पैदल ही रेलवे ट्रैक पार करने लगा। इसी दौरान कानपुर से बालामऊ की ओर जा रही मालगाड़ी की चपेट में आ गया। घटना फतेहपुर चौरासी थाना और सफीपुर कोतवाली की सीमा पर हुई थी। इस पर दोनों थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में फतेहपुर चौरासी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एसओ ज्ञानेंद्र कुमार ने सफीपुर स्टेशन मास्टर की सूचना पर शव भेजने की पुष्टि की। कन्हैयालाल की मौत से मां सुनीता देवी, पत्नी ज्योति, दो बेटी और एक बेटे सहित परिजन बेहाल हैं।
फोटो-3-जसरा मारुफपुर रेलवे अंडर पास में भरा कीचड़युक्त पानी। संवाद
आवागमन लायक होता अंडरपास तो शायद न जाती कन्हैया की जान
पूर्व प्रधान जमुनाधर ने बताया कि रेलवे अंडरपास में पानी और कीचड़ भरा रहता है। इस कारण लोग जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन पार करने को विवश हैं। भारी बरसात होने पर वाहनों को गांव आने के लिए हुलासी कुआं से पांच किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। अंडरपास में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए रेलवे अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई गई है। ठेकेदार अंडरपास में भरे पानी को निकालने की केवल औपचारिकता निभाते हैं। लोगों का कहना है कि यदि अंडरपास में पानी और कीचड़ न भरा होता तो शायद कन्हैयालाल को अपनी जान न गंवानी पड़ती।